जांजगीर-चांपा 19 जून (आरएनएस)फॉर्च्यूनर कार का सौदा, 20 लाख रुपये की मोटी रकम और फिर फर्जी चेक थमाकर फरार हो जाना… लेकिन आखिरकार साइबर तकनीक ने शातिर ठग को कानून के शिकंजे तक पहुंचा ही दिया। जांजगीर-चांपा पुलिस ने कार खरीदी-बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया है।
मामला थाना चांपा क्षेत्र का है। प्रार्थी चंद्रप्रकाश जायसवाल, निवासी सर्वमंगला नगर, दुरपा, जिला कोरबा ने 27 मई 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 21 अक्टूबर 2024 को उसने फॉर्च्यूनर वाहन क्रमांक CG 11 BN 1748 को गिरवी रखने एवं बिक्री के लिए 20 लाख रुपये में सौदा किया था। वाहन का सौदा विवेक डडसेना से हुआ था, लेकिन बाद में आरोपी ने उसी वाहन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। जब प्रार्थी ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने फर्जी चेक देकर टालने की कोशिश की। बैंक में चेक लगाने पर वह बाउंस हो गया और ठगी का पूरा खेल सामने आ गया।
शिकायत पर थाना चांपा पुलिस ने अपराध क्रमांक 267/2026 में धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में पुलिस ने साइबर तकनीक से मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर 19 जून 2026 को आरोपी विवेक डडसेना, पिता लक्ष्मीप्रसाद डडसेना, निवासी ग्राम करनौद, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चांपा को उसके घर से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। उसके कब्जे से चेकबुक और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक वैष्णव, सउनि भुवनेश्वर राठौर, प्रधान आरक्षक सुनील सिंह, आरक्षक श्याम राठौर, प्रकाश द्विवेदी तथा थाना बिर्रा पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बहरहाल, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन खरीदी-बिक्री में दस्तावेज, मालिकाना हक और भुगतान की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। थोड़ी-सी लापरवाही लाखों रुपये की ठगी का कारण बन सकती है।


