बलौदाबाजार 19 जून 2026/ मोबाइल पर आया एक मैसेज, फिर एक एपीके (APK) फाइल और देखते ही देखते बैंक खाते से लाखों रुपये गायब। देशभर में साइबर ठगी का गढ़ माने जाने वाले झारखंड के जामताड़ा गैंग के एक और शातिर सदस्य को आखिरकार बलौदाबाजार पुलिस ने दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से 17 एटीएम कार्ड और अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार आरोपी पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का मुख्य अकाउंट मैनेजर और ठेकेदार था।
मामले में प्रार्थी महेन्द्र त्रिपाठी, निवासी संजय कॉलोनी, बलौदाबाजार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 21 दिसंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया। इसके बाद उनके भारतीय स्टेट बैंक, गार्डन चौक शाखा, बलौदाबाजार के खाते से अलग-अलग किश्तों में कुल 3 लाख 74 हजार रुपये ऑनलाइन निकाल लिए गए। शिकायत के आधार पर थाना सिटी कोतवाली, बलौदाबाजार में अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं धारा 335 बीएनएसएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, डिजिटल ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। इससे पहले इसी मामले में लाल मोहम्मद अंसारी को झारखंड से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बलौदाबाजार लाया गया था। पूछताछ में उसने पूरे साइबर नेटवर्क के मुख्य अकाउंट मैनेजर मोहम्मद मकरूद्दीन अंसारी की भूमिका का खुलासा किया। इसके बाद थाना सिटी कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने झारखंड में घेराबंदी कर मुख्य आरोपी मोहम्मद मकरूद्दीन अंसारी, पिता अब्दुल रहीम मियां, उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम पारतोल, थाना कर्माटांड, जिला जामताड़ा (झारखंड) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार वह गिरोह का मुख्य अकाउंट मैनेजर एवं ठेकेदार था, जो एपीके फाइल खरीदकर लोगों के मोबाइल हैक कर बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले नेटवर्क का संचालन करता था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 17 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड तथा अपराध में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। आरोपी को 19 जून 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
बहरहाल, यह कार्रवाई साबित करती है कि साइबर अपराधी अब केवल फर्जी कॉल या लिंक ही नहीं, बल्कि APK फाइल के जरिए भी लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान मैसेज, लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें, क्योंकि एक छोटी-सी लापरवाही आपकी पूरी जमा-पूंजी साफ कर सकती है।




