बलौदाबाजार-भाटापारा,20 जून (आरएनएस)। किशोरावस्था में बढ़ते मानसिक तनाव, गुस्से और आपराधिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने नागरिकों, अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने तथा उनके मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किशोरावस्था जीवन का अत्यंत संवेदनशील दौर होता है, जहां बच्चे छोटी-छोटी बातों को अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान से जोड़ लेते हैं। ऐसे में लगातार चिढ़ाए जाने, अपमानित होने या मानसिक दबाव बढऩे पर वे गलत निर्णय ले सकते हैं।
पुलिस द्वारा जारी अपील में कहा गया है कि माता-पिता अपने बच्चों से प्रतिदिन खुलकर बातचीत करें और उनके व्यवहार में आने वाले बदलावों पर नजर रखें। यदि बच्चा अचानक चुप रहने लगे, चिड़चिड़ा हो जाए या तनावग्रस्त दिखाई दे तो उसकी समस्याओं को समझने का प्रयास करें। किसी विवाद या परेशानी की स्थिति में बच्चों को डांटने के बजाय उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनना अधिक आवश्यक है।
पुलिस ने यह भी कहा कि यदि बच्चे में अत्यधिक गुस्सा, तनाव या भावनात्मक असंतुलन दिखाई दे तो समय रहते परिवार, स्कूल और समाज के स्तर पर काउंसलिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए। समय पर की गई पहचान और सकारात्मक संवाद बच्चों को गंभीर घटनाओं तथा भविष्य की परेशानियों से बचा सकता है।
अपील में अभिभावकों को स्कूल बैग की नियमित जांच करने की भी सलाह दी गई है। पुलिस के अनुसार बच्चों के स्कूल से लौटने के बाद तथा स्कूल जाने से पहले उनके बैग की जांच अवश्य करें, ताकि किसी भी संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु की जानकारी समय रहते मिल सके।
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने संदेश दिया है कि गुस्सा और तनाव क्षणिक हैं, लेकिन बच्चे का भविष्य अमूल्य है। आइए मिलकर उनके मन को समझें और उन्हें सुरक्षित, सकारात्मक एवं संवेदनशील वातावरण प्रदान करें।
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