0 प्रशिक्षण शिविर के नाम पर कांग्रेस का पाखंड उजागर, जनता के मुद्दों से दूर रहा पूरा कार्यक्रम
रायपुर, 22 जून (आरएनएस)। मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह यात्रा राजनीतिक नौटंकी, दिखावे और कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी पर पर्दा डालने का एक असफल प्रयास मात्र थी। प्रशिक्षण शिविर के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में न तो प्रदेश की जनता की समस्याओं पर कोई गंभीर चर्चा हुई और न ही कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर कोई ठोस दृष्टि प्रस्तुत की।
केदार कश्यप ने कहा कि राहुल गांधी कुछ घंटों के लिए छत्तीसगढ़ आए, कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने का दावा किया और फिर कैमरों के सामने आयोजित प्रतीकात्मक गतिविधियों में व्यस्त रहे। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस के पास न कोई नीति बची है और न ही जनता के बीच जाने का कोई वास्तविक एजेंडा। पार्टी आज केवल आयोजन और प्रचार तक सीमित होकर रह गई है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने तथा मिलकर काम करने की नसीहत देना इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और नेतृत्व संकट चरम पर पहुंच चुका है। यदि किसी दल को अपने ही कार्यकर्ताओं को एकता का पाठ पढ़ाना पड़े, तो यह उसकी संगठनात्मक कमजोरी का सबसे बड़ा प्रमाण है।
केदार कश्यप ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रिय कार्यशैली की नकल करने का प्रयास करते हैं, लेकिन नकल और नेतृत्व में बड़ा अंतर होता है। प्रधानमंत्री मोदी जब जनता के बीच जाते हैं तो विकास, गरीब कल्याण, आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्र निर्माण की बात करते हैं, जबकि राहुल गांधी का पूरा कार्यक्रम ‘मैगी राजनीतिÓ और फोटो अवसरों तक सीमित दिखाई दिया। प्रदेश और देश की गंभीर राजनीति को कांग्रेस ने मनोरंजन का माध्यम बना दिया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है कि राहुल गांधी के इस दौरे से प्रदेश को क्या मिला? क्या किसानों की आय बढ़ाने पर कोई योजना सामने आई? क्या युवाओं के रोजगार, आदिवासी क्षेत्रों के विकास, महिलाओं के सशक्तिकरण या बुनियादी सुविधाओं को लेकर कोई ठोस घोषणा हुई? इन सभी प्रश्नों का उत्तर कांग्रेस के पास नहीं है।
केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। प्रदेश की जनता शराब घोटाले, कोयला घोटाले, भर्ती घोटालों, महादेव एप प्रकरण और विभिन्न भ्रष्टाचार के मामलों को भूली नहीं है। कांग्रेस जब सत्ता में थी तब उसने छत्तीसगढ़ को विकास का मॉडल बनाने के बजाय भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का केंद्र बना दिया था। आज विपक्ष में रहते हुए भी उसके पास कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले बारह वर्षों में विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है, करोड़ों लोगों को आवास, शौचालय, गैस कनेक्शन और अन्य सुविधाएं मिली हैं। कांग्रेस इन उपलब्धियों का मुकाबला नहीं कर पा रही है, इसलिए वह प्रतीकात्मक कार्यक्रमों और दिखावटी राजनीति का सहारा ले रही है।
केदार कश्यप ने कहा कि राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए एक राजनीतिक पिकनिक से अधिक कुछ नहीं था। इससे न तो कांग्रेस को नई दिशा मिलेगी और न ही प्रदेश की जनता को कोई लाभ होगा। छत्तीसगढ़ की जागरूक जनता कांग्रेस के इस पाखंड और दिखावटी राजनीति को भलीभांति समझ चुकी है और विकास, सुशासन तथा जनकल्याण की राजनीति के साथ खड़ी है।
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