देहरादून 22 जून (आरएनएस)। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, लोकज्ञान, सामाजिक सरोकारों को समर्पित व्यक्तित्वों के लिए स्थापित उत्तराखंड के गांधी इंद्रमणि बडोनी सम्मान इस वर्ष सुप्रसिद्ध लोक रंगकर्मी, चिंतक, शिक्षाविद् एवं लोकसंस्कृति के पुरोधा प्रो. डीआर पुरोहित को दिया जाएगा। सम्मान के तहत ?51 हजार रुपये की सम्मान राशि, स्मृति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान किए जाएंगे। यह जानकारी देते हुए इंद्रमणि बडोनी चैरिटेबल फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद बडोनी ने बताया कि प्रो. दाताराम पुरोहित को यह सम्मान उत्तराखंड के गांधी कहे जाने वाले स्व. इंद्रमणि बडोनी की पुण्यतिथि पर आगामी 18 अगस्त को दून में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। स्व. बडोनी ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन, लोकसंस्कृति संरक्षण, जनजागरण और सामाजिक चेतना के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्हीं के आदर्शों और विचारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 2023 में इस सम्मान की स्थापना हुई। अभी तक यह सम्मान लोकसंस्कृति के संवाहक ढोल वादक शिवजनी-2023, लोकगायक गढऱत्न नरेन्द्र सिंह नेगी-2024, बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता पर्यावरणविद् विजय जड़धारी-2025 दिया जा चुका है। प्रो. पुरोहित लंबे समय से उत्तराखंड की लोकपरंपराओं, लोकसाहित्य, संस्कृति, इतिहास और सामाजिक चेतना के गंभीर अध्येता एवं संवाहक रहे हैं। उन्होंने अपने लेखन, शोध, शिक्षण तथा सामाजिक सक्रियता के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित, संवर्धित और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लोकजीवन की गहरी समझ, सामाजिक प्रतिबद्धता तथा जनपक्षधर दृष्टि ने उन्हें राज्य के अग्रणी लोकचिंतकों में विशिष्ट स्थान दिलाया है। फाउंडेशन ट्रस्टी शंकर, राजेन्द्र लाल, कार्यक्रम संयोजक गिरीश बडोनी ने कहा कि इंद्रमणि बडोनी सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकचेतना, सांस्कृतिक अस्मिता, सामाजिक सरोकारों के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
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