देहरादून 22 जून (आरएनएस)। उत्तराखंड एकता मंच (यूईएम) ने राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में 5वीं अनुसूची एवं ट्राइब स्टेटस लागू करने के संवैधानिक कवच की मांग को लेकर व्यापक जनआंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने 22 नवंबर को दून के परेड ग्राउंड से बड़े प्रदर्शन और जनांदोलन का ऐलान किया है। अभियान का नारा “हमसे छीने गए अधिकार वापस हों” रखा गया है। सोमवार को प्रेस क्लब में उत्तराखंड एकता मंच की प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए गढ़वाल प्रभारी महावीर राणा, युवा प्रकोष्ठ प्रभारी दरबान सिंह सुवाड़ा, सह संगठन प्रभारी अनिल उप्रेती, सह समन्वयक गढ़वाल प्रवेश जोशी और सदस्य कुलदेव नेगी ने बताया कि उत्तराखंड के पर्वतीय मूल निवासी जनजातीय दर्जा पाने के सभी मानकों को पूरा करते हैं, लेकिन अब तक उन्हें संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया है। 5 वीं अनुसूची लागू होने से राज्य के मूल निवासियों को रोजगार, शिक्षा में आरक्षण, जल-जंगल-जमीन पर स्थानीय अधिकार, सांस्कृतिक एवं भाषाई संरक्षण, महिलाओं की कानूनी सुरक्षा, ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार तथा वनाधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे लाभ मिल सकेंगे। मंच ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और पारंपरिक जीवनशैली उन्हें ट्राइब स्टेटस के लिए उपयुक्त बनाती हैं। संगठन ने ऐतिहासिक दस्तावेजों और पूर्व में लागू व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए सरकार से विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजने की मांग की है।
गढ़वाल कुमाऊं में जनजागरण कर पहुंचे दूनउत्तराखंड एकता मंच ने अधिक से अधिक लोगों से 22 नवंबर को देहरादून पहुंचकर इस जनांदोलन में भागीदारी की अपील की है, ताकि पर्वतीय मूल निवासियों के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए जनदबाव बनाया जा सके। मंच पदाधिकारी ने बताया कि प्रदेश स्तर पर ट्राइबल स्टेट्स हासिल के लिए 4 जून को खटीमा से जन जागरण यात्रा शुरु की गई थी जो कुमाऊं के विभिन्न शहरों-कस्बों से होते हुए गढ़वाल पहुंची, उत्तरकाशी में इसका समापन हुआ है। इस यात्रा के दौरान मंच को व्यापक समर्थन हासिल हुआ है।
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