_उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी के प्राचार्य पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की उठी मांग_
सिवनी 22 जून (आरएनएस)। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी के प्राचार्य के खिलाफ एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर सिवनी को शिकायत सौंपकर तत्काल निलंबन एवं विभागीय जांच की मांग की गई है। मामला विद्यार्थियों के कक्षा 11वीं कृषि संकाय में प्रवेश से जुड़ी समस्याओं को लेकर सामने आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दीपक डेहरिया (दीपक जयहिंद), संस्थापक एवं अध्यक्ष दीपक जयहिंद टीम सिवनी, 22 जून 2026 को कुछ विद्यार्थियों की प्रवेश संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी पहुंचे थे। उनका आरोप है कि विद्यार्थियों के हित में चर्चा करने के दौरान विद्यालय के प्राचार्य ने उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ कथित रूप से अभद्र एवं अपमानजनक व्यवहार किया।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि प्राचार्य ने उन्हें कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा तथा कर्मचारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में उन्हें विद्यालय परिसर एवं कार्यालय में प्रवेश न करने दिया जाए। दीपक डेहरिया का कहना है कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं वैधानिक तरीके से विद्यार्थियों की समस्या रखने पहुंचे थे, लेकिन विद्यालय प्रशासन का रवैया निराशाजनक रहा।
विद्यार्थियों और अभिभावकों में नाराजगी
शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्राचार्य के इस व्यवहार से विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच असंतोष का माहौल बना है। उनका कहना है कि शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाना चाहिए, जबकि इस घटना ने विद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कलेक्टर से की उच्चस्तरीय जांच और निलंबन की मांग
दीपक डेहरिया ने कलेक्टर सिवनी को दिए आवेदन में मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि जांच पूर्ण होने तक प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। साथ ही, यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
प्रवेश प्रकरण के शीघ्र निराकरण की भी मांग
शिकायत में विद्यार्थियों के कक्षा 11वीं कृषि संकाय में प्रवेश संबंधी प्रकरण का मानवीय एवं न्यायसंगत आधार पर शीघ्र निराकरण कराने की मांग भी की गई है। आवेदन के साथ विद्यार्थियों की सूची, प्रवेश संबंधी आवेदन की प्रतियां तथा गवाहों की सूची भी संलग्न किए जाने की जानकारी दी गई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और विद्यार्थियों के प्रवेश संबंधी विवाद का समाधान किस प्रकार किया जाता है।
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