भोपाल 22 जून (आरएनएस)। किसान गर्जना संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने किसानों को सोसायटियों के माध्यम से मिलने वाली खाद के दामों में की गई वृद्धि पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए सरकार को चेतावनी दी है कि यदि बढ़ी हुई कीमतें तत्काल वापस नहीं ली गईं तो किसान गर्जना संगठन प्रदेशभर में उग्र आंदोलन शुरू करेगा।
श्री चौधरी ने कहा कि एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर खाद, बिजली, पानी, डीजल और कृषि उपकरणों की कीमतों में लगातार वृद्धि कर किसानों की कमर तोडऩे का काम कर रही है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। ऐसे में खाद के दाम बढ़ाना किसानों के साथ सीधा अन्याय और शोषण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण आज प्रदेश का किसान कर्ज के दलदल में फंसता जा रहा है। महंगाई की मार से किसान परिवारों का जीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील दिखाई नहीं दे रही है।
अरविंद चौधरी ने मांग की कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में सस्ती खाद उपलब्ध कराई जाए, कृषि उपयोग के लिए बिजली और सिंचाई का पानी रियायती दरों पर दिया जाए तथा किसानों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और खाद के बढ़े हुए दाम वापस नहीं लिए, तो किसान गर्जना संगठन गांव-गांव और तहसील स्तर पर आंदोलन खड़ा करेगा। आवश्यकता पडऩे पर जिला मुख्यालयों का घेराव, धरना-प्रदर्शन और बड़े जनआंदोलन किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
किसान अब और शोषण बर्दाश्त नहीं करेगा। किसानों के अधिकारों की लड़ाई सड़क पे उतर कर लड़ी जाएगी।

