नई दिल्ली,23 जून(आरएनएस)। भले ही मॉनसून की बारिश अभी तक दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में नहीं पहुंची है, लेकिन बेमौसम बारिश ने कुछ इलाकों में भीषण गर्मी से राहत दी है. राष्ट्रीय राजधानी में मौसम के बदलते मिजाज कभी धूप तो कभी घने बादल की वजह से तापमान कम बना हुआ है. मौसम विभाग ने यह अनुमान लगाया है कि 23 जून से 26 जून के बीच मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा भी चल सकती है.
आईएमडी के अनुसार सोमवार को सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम रहा. पालम में तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रिज और आया नगर में तापमान क्रमश: 24.6 डिग्री सेल्सियस और 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लोधी रोड पर न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा.
मौसम विभाग ने 23 जून को तापमान में थोड़ी गिरावट का अनुमान लगाया है. आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है. अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है.
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ की कुछ जगहों पर अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस के बीच है. तेलंगाना, बिहार, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भी तापमान इसी बीच में है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से कम है.
लंबे समय तक सूखे के बाद महाराष्ट्र में आखिरकार बारिश हुई क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून राज्य के कई हिस्सों में आगे बढ़ गया. उम्मीद है कि अगले 48 घंटों में मॉनसून मुंबई समेत और इलाकों में भी आगे बढ़ेगा.
महाराष्ट्र में इसी दौरान सामान्य 133.9 एमएम बारिश के मुकाबले सिर्फ 24.6 एमएम बारिश हुई, जिससे 82 फीसदी की कमी रही और राज्य भारी कमी वाली श्रेणी में आ गया. पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश की यह कमी कमजोर मॉनसून हवा, बंगाल की खाड़ी के ऊपर मजबूत कम दबाव वाले सिस्टम के न होने और मॉनसून की अस्थिर स्थितियों के कारण हो रही है.
इससे देश के कई हिस्सों में बारिश कम हुई. साथ ही मॉनसून की सक्रियता में देरी से किसानों में चिंता बढ़ रही है. यह याद रखना जरूरी है कि मॉनसून का प्रदर्शन अक्सर एक जैसा नहीं होता. सक्रिय मौसम प्रणाली तेजी से बारिश की कमी को कम कर सकती है और मौसम की स्थिति में सुधार ला सकती है, और इसका खेती और जल संसाधनों पर बहुत बड़ा असर पड़ता है.
उन्होंने आगे कहा कि मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में मॉनसून के जोर पकडऩे की उम्मीद है, जिससे कई इलाकों में बारिश होगी. इसलिए बदलते मौसम के दौर में खेती के सही तरीकों, पानी के बेहतर मैनेजमेंट और मौसम की सटीक भविष्यवाणी का महत्व और भी बढ़ गया है.
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. कई इलाकों में बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा (झोंकों के साथ 60 किमी/घंटा तक) की तेज हवा के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है.
देश के दक्षिणी हिस्से में 23 जून से 28 जून तक तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है.
कोंकण और गोवा में 23 जून से बारिश बढऩे की उम्मीद है. पूरे हफ़्ते कोंकण और गोवा में भारी बारिश हो सकती है, जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कहीं-कहीं बारिश के साथ-साथ आंधी और तेज हवा चलने की संभावना है.
कोंकण, गोवा, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा चल सकती है. इसकी गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है. अगले 48 घंटों के दौरान मुंबई और उसके आस-पास के तटीय इलाकों में मॉनसून की सक्रिय स्थिति देखने को मिल सकती है.
आने वाले हफ़्ते में सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है. बिहार, झारखंड और ओडिशा में 40-50 किमी प्रति घंटा की तेज हवा के साथ आंधी-तूफ़ान आ सकता है. मौसम विभाग ने बिहार और ओडिशा में भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि अनुमान की अवधि के दौरान कई दिनों तक सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में पूरे हफ़्ते आंधी-तूफ़ान, बिजली कड़कने और तेज हवा के साथ कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है.
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