नई दिल्ली ,24 जून(आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल फेरबदल हो सकता है, इसकी अटकलें तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, अगले 3-4 दिनों में 4 और केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे हो सकते हैं. सूत्रों की मानें तो व्यापक फेरबदल हो सकता है. यह बदलाव मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने के आसपास हो रहा है और इसमें युवा चेहरों को तरजीह, संगठनात्मक समायोजन और आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किए जाने की चर्चा है.
सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद अब और बदलाव की तैयारी चल रही है. कुरियन का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया. भाजपा की राज्यसभा उम्मीदवार सूची में कुछ मंत्रियों को जगह न मिलने और संगठन में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति ने इस अटकल को और हवा दे दी है.
भाजपा संगठन में पार्टी सूत्रों के अनुसार जल्द फेरबदल हो सकता है. मगर राष्ट्रीय संगठन से पहले पार्टी सूत्रों की मानें तो जल्द ही उत्तर प्रदेश की नई टीम की घोषणा हो सकती है. इसके अलावा अगले 3 से 4 दिन के अंदर सूत्र बताते हैं कि जल्द ही 4 मंत्रियों (कैबिनेट और राज्य मंत्री स्तर के) के इस्तीफे हो सकते हैं. इनमें कुछ वरिष्ठ मंत्री भी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं.
सूत्रों की माने तो केंद्रीय मंत्रिमंडल में नए चेहरे और युवा नेताओं पर फोकस किया जाएगा. पार्टी सूत्रों की माने तो भाजपा की नई टीम में युवा, महिलाओं और विभिन्न राज्यों (खासकर महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पंजाब आदि) से प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर जोर रहेगा. कुछ सांसदों और नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा विभागों का पुन: आवंटन भी हो सकता है, इसमें कई मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं. वहीं बहु-विभाग संभाल रहे मंत्रियों का बोझ कम किए जाने की भी चर्चा है. इसके अलावा संगठन-सरकार समन्वय पर भी पार्टी फोकस करेगी. इतना ही नहीं भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम के ऐलान के साथ मंत्रिमंडल फेरबदल को भी जोड़ा जा रहा है. कुछ मंत्री संगठन में शिफ्ट हो सकते हैं.
हाल ही में भाजपा ने कई राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए, जैसे दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा और उत्तर प्रदेश में पंकज चौधरी. राज्य सभा चुनावों में रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन जैसे मंत्रियों को टिकट न मिलने से स्पष्ट संकेत दे दिए गए थे. पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल मिड-टर्म कोर्स करेक्शन का हिस्सा माना जा रहा है.
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद एनडीए की मजबूती और आगामी चुनावों जिनमें पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों को देखते हुए सामाजिक समीकरण साधने पर पार्टी का फोकस रहेगा. हालांकि फेरबदल की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है. मानसून सत्र से पहले यह बदलाव संभव माना जा रहा है.
पार्टी सूत्रों की माने तो भाजपा की नई टीम में काम, युवा ऊर्जा और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी. पार्टी सूत्रों के मुताबिक ये फेरबदल 2021 के बड़े फेरबदल की तरह का हो सकता है, जब कई वरिष्ठ मंत्रियों को हटाकर नई टीम बनाई गई थी.
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