भोपाल 25 जून (आरएनएस)।भारतीय रिज़र्व बैंक के वित्तीय समावेशन एवं विकास विभाग, भोपाल द्वारा अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के उपलक्ष्य में होटल रेडिसन,भोपाल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। महिला उद्यमियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में 150 से अधिक महिला उद्यमी, बैंकर, सरकारी अधिकारी और उद्योग संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए।कार्यक्रम ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र की चुनौतियों, अवसरों और नवाचारी समाधानों पर गहन विमर्श का एक अनूठा अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम के शुभारंभ में विक्रम बी. एस. राजपूत, उप महाप्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक ने कार्यक्रम के उ?द्देश्यों को रेखांकित किया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुजाता लाल, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक, भोपाल ने मुख्य भाषण में अर्थव्यवस्था में एमएसएमई की भूमिका पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और रोजगार सृजन एवं निर्यात में इनका अतुलनीय योगदान है। उन्होने महिला उद्यमियों की भूमिका को चिन्हित करते हुए कहा कि ये न केवल अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाती हैं, बल्कि समाज और देश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाती हैं।
इस अवसर पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया व यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैंकों की एमएसएमई सैक्टर के प्रति प्रतिबद्धता ज़ाहिर करी।
पूर्वी श्रीवास्तव, सहायक महाप्रबंधक, पहल भारतीय रिजर्व बैंक ने एमएसएमई वित्तपोषण के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक की विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। नीलेश त्रिवेदी, सहायक निदेशक, एमएसएमई- डीएफओ ने भारत सरकार की एमएसएमई योजनाओं और विशेषकर महिला उद्यमियों के लिए उपलब्ध सब्सिडी कार्यक्रमों पर जानकारी प्रदान की।एसबीआईएलडी, ट्रांसयूनियन सिबिल एवं सिडबी के प्रतिनिधियों ने ऋण सुलभता की बाधाओं और व्यावहारिक समाधानों पर विचार-विमर्श किया। प्रश्नोतर सत्र में प्रतिभागियों की जमीनी स्तर की चुनौतियों और व्यावहारिक समाधानों पर संवाद किया गया।
कार्यक्रम में पधारी महिला उद्यमी दमयंती वर्मा, सपना राय और नर्वदी मालवीय ने अपने-अपने व्यवसायों को शून्य से स्थापित करने की संघर्षमय किन्तु प्रेरणादायक यात्राएँ साझा की।

