सारंगढ़-बिलाईगढ़ 26 जून (आरएनएस) सुशासन तिहार में उठी एक शिकायत ने आखिरकार बड़ा प्रशासनिक एक्शन करा दिया। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को सौंपे गए आवेदन और कलेक्टर कार्यालय में दर्ज शिकायत की जांच के बाद ग्राम झुमका की भूमि बटांकन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता सामने आई, जिसके चलते तत्कालीन हल्का पटवारी बद्रीप्रसाद साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने विभागीय जांच और स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की।
जांच में खुलासा हुआ कि तहसील सरसींवा के हल्का क्रमांक-09 में पदस्थ रहते हुए पटवारी ने ग्राम झुमका के मूल खसरा नंबर 246 का बटांकन बिना मौके का निरीक्षण और भूमि की वास्तविक नाप किए ही ऑनलाइन भू-नक्शा पोर्टल में 246/1, 246/2 और 246/3 के रूप में दर्ज कर दिया। इतना ही नहीं, वास्तविक रकबा और कब्जे की स्थिति से मेल न खाने के बावजूद संबंधित भूमि का बटांकन किया गया तथा खसरा नंबर 246/1 के विक्रय के लिए चतुर्सीमा संबंधी दस्तावेज भी जारी कर दिए गए। इस लापरवाही के कारण संबंधित काश्तकारों के बीच भूमि विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
प्रशासन ने इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और कदाचार मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत पटवारी बद्रीप्रसाद साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बिलाईगढ़ निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
गौरतलब है कि सुशासन तिहार में ग्रामीणों द्वारा उठाई गई शिकायत पर हुई यह कार्रवाई प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता का बड़ा संदेश मानी जा रही है। भूमि रिकॉर्ड में अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने से साफ संकेत मिला है कि राजस्व मामलों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

