नईदिल्ली,28 जून(आरएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और कानून व्यवस्था तंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद प्रमुख राजस्व अधिकारियों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदान करने को मंजूरी दे दी है। बता दें कि इस प्रस्ताव को पहले गृह मंत्री और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंजूरी देकर उपराज्यपाल के पास अनुमति के लिए भेजा था।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा-14 के तहत उपायुक्तों/जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, राजस्व सहायक, तहसीलदार और समेकन अधिकारियों को उनके संबंधित पुनर्गठित क्षेत्राधिकार में कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां देने की मंजूरी दी गई है। यह कदम प्रशासनिक पुनर्गठन के मद्देनजर उठाया है और इसका उद्देश्य जिला स्तर पर प्रशासन की दक्षता में सुधार करना और कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत बनाना है।
बीएनएस की धारा-14 ने पूर्ववर्ती दंड प्रक्रिया संहिता का स्थान लिया है। धारा-14 राज्य सरकार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने, जिला मजिस्ट्रेट और सहायक जिला मजिस्ट्रेट नामित करने और उपमंडलों के प्रभारी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने का अधिकार देती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 28 जून, 2024 में जारी अधिसूचना के अनुसार, धारा-523 को छोड़कर बीएनएस के तहत राज्य सरकार की शक्तियां राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के संबंध में उपराज्यपाल में प्रत्यायोजित कर दिए गए हैं।
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