रायपुर, 29 जून (आरएनएस)रोजगार का सपना और मुनाफे का लालच, दोनों ही ठगों का हथियार बन गए हैं। राजधानी रायपुर में नौकरी दिलाने और कारोबार खड़ा करने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के दो अलग-अलग मामलों ने लोगों को झकझोर दिया है। पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र का है। जांजगीर-चांपा जिले के सारागांव थाना अंतर्गत ग्राम लखुरी निवासी जिवधन सागर की शिकायत पर अपराध क्रमांक 203/26 दर्ज किया गया है। शिकायत के मुताबिक योगेश साहू और दिलीप यादव ने उनके पुत्र को शराब दुकान में सुपरवाइजर और सेल्समैन की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में आरोपियों ने 4 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। लंबे इंतजार के बाद न नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) और 336(सी) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
दूसरा मामला दीनदयाल उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र का है। बलौदाबाजार जिले के ग्राम तरा, पलारी निवासी चंद्रहास वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई कि शैलेन्द्र रजक और नारायण रजक ने दोना-पत्तल बनाने की मशीन लगवाने, कच्चा माल उपलब्ध कराने और तैयार माल खरीदने का भरोसा देकर अधिक मुनाफे का लालच दिया। इस झांसे में आकर पीड़ित ने 19 मार्च 2026 से 12 मई 2026 के बीच 2 लाख 95 हजार रुपये दे दिए, लेकिन न मशीन मिली, न कारोबार शुरू हुआ और न ही पैसा वापस मिला। पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 404/26 दर्ज कर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत जांच शुरू कर दी है।
दोनों मामलों में पुलिस आरोपियों की तलाश के साथ लेन-देन और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि भरोसे और बड़े मुनाफे का लालच देकर पीड़ितों से रकम ऐंठी गई।
फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि आसान कमाई और पक्की नौकरी के वादे अक्सर ठगी के जाल का पहला कदम होते हैं।

