गुवाहाटी,29 जून(आरएनएस)। असम में इस समय बाढ़ से हालात बेहद खराब हैं. जानकारी के मुताबिक राज्य के धेमाजी में बाढ़ का विकराल रूप देखने को मिल रहा है. बाढ़ का रौद्र रूप का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां सिमेन नदी पर बना रेलवे पुल आंशिक रूप से ढह गया. नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है.
इसी सिलसिले में आज गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात की और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. सीएम सरमा ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया और इसके बारे में बताया. उन्होंने शाह को स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे राहत और पुनर्वास के उपायों के बारे में जानकारी दी और. वहीं, गृह मंत्री ने इस मामले में केंद्र से हर संभव मदद और सहायता का भरोसा भी दिया. उन्होंने कहा कि मैं गृह मंत्री अमित शाह को उनके फोन कॉल और धेमाजी में बाढ़ की स्थिति के बारे में पूछने के लिए धन्यवाद देता हूं.
धेमाजी में बाढ़ को लेकर अधिकारियों ने बताया कि असम और पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश के बाद ऐसे हालात बन गए हैं, जिससे छह जिलों के 22,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. बता दें, यह हादसा भारी बारिश और नदी के किनारे के कटाव की वजह से हुआ. नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, असम के धेमाजी जिले और उसके आसपास 110 मिमी. से ज्यादा बारिश और उसके बाद आई बाढ़ और नदी के किनारे के कटाव की वजह से रेलवे पुल पर असर पड़ा, इसलिए अर्चिपाथर और सिमेन चपारी स्टेशनों के बीच के हिस्से पर ट्रेन का ऑपरेशन रोक दिया गया है.
असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के जारी डेटा के मुताबिक, धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और कोकराझार जिलों में कुल 22,124 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. धेमाजी सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बना हुआ है, जहां अभी 15,483 लोग बढ़ते पानी के लेवल के असर से जूझ रहे हैं. अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी है कि बाढ़ के पानी ने 96 गांवों को डुबो दिया है और लगभग 1,690 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नष्ट कर दिया है.
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के एक अधिकारी ने यह भी बताया कि लगातार बारिश की वजह से ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियाँ भी उफान पर हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट में बताया गया है कि शिवसागर जिले के नांगलमुराघाट में दिसांग नदी का पानी का लेवल अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. इंसानों के अलावा, बाढ़ की इस लहर ने 48,199 जानवरों पर भी असर डाला है. इससे पहले, असम के धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर बना एक रेलवे पुल थोड़ा गिर गया था.
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