पुणे/नई दिल्ली 30 June (Rns) : पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को अदालत ने दूसरी बार 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सुनवाई के दौरान वडगांव मावल कोर्ट में सिया गोयल के वकील को लेकर नया विवाद सामने आया। अदालत में सिया गोयल ने कहा कि उनके वकील एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव नहीं, बल्कि एडवोकेट विपुल दुशिंग हैं।
इससे एक दिन पहले साहिल गोयल ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि उन्होंने एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव को कभी नियुक्त नहीं किया। साहिल के मुताबिक, आशुतोष श्रीवास्तव ने इस मामले में उनसे कभी बातचीत नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस बारे में आपत्ति जताई तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। साहिल ने कहा कि उन्होंने एडवोकेट विपुल दुशिंग को अपना वकील नियुक्त किया है और इस संबंध में अदालत में हलफनामा भी दाखिल किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिया गोयल से लॉकअप में हस्ताक्षर कराए गए।
इन आरोपों के बाद एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि साहिल गोयल ने उनके खिलाफ झूठे, बेबुनियाद और मानहानिकारक आरोप लगाए हैं, जिससे उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। नोटिस में आरोप वापस लेने, सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और भविष्य में ऐसे आरोप दोबारा न लगाने का लिखित आश्वासन देने की मांग की गई है। हालांकि, नोटिस में लगाए गए आरोप एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव के दावे हैं। इस कानूनी नोटिस पर साहिल गोयल की ओर से फिलहाल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वहीं, एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा, “हमारी टीम सिया गोयल से मिली थी। उन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता थी, इसलिए उन्होंने हमारे पक्ष में वकालतनामे पर हस्ताक्षर किए। सिया गोयल बालिग हैं और अपने फैसले स्वयं लेने में सक्षम हैं। साहिल गोयल का यह कहना गलत है कि हमने उनसे बात नहीं की। हमने सीधे सिया गोयल से बातचीत की थी। उन्होंने मुंबई हाई कोर्ट तक हमारे पक्ष में वकालतनामा दिया है, जिस पर उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं।” अब इस पूरे विवाद में साहिल गोयल की ओर से कानूनी नोटिस का क्या जवाब दिया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

