दुर्ग, 30 जून (आरएनएस)। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को ‘गोल्डन आवरÓ के भीतर त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दुर्ग यातायात पुलिस ने डायल-112 और 108 एंबुलेंस सेवा के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग और जिले के प्रमुख ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में एंबुलेंस की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
नेहरू नगर स्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) कार्यालय में आयोजित बैठक में डायल-112 के संभाग प्रभारी आसिम खान तथा 108 एंबुलेंस सेवा के दुर्ग प्रभारी निर्मल वर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही कम से कम समय में प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि दुर्घटना संभावित राष्ट्रीय राजमार्गों और ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। प्राथमिकता के आधार पर एमएलटी क्रेन (खुर्सीपार), बिजली ऑफिस (भिलाई-3), बड़े तरिया (कुम्हारी), जेके लक्ष्मी सीमेंट क्षेत्र और पंथी चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस तैनात करने पर सहमति बनी।
डायल-112 और 108 एंबुलेंस सेवा के अधिकारियों ने जनहित और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन स्थानों पर आवश्यकतानुसार एंबुलेंस उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
यातायात पुलिस का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को ‘गोल्डन आवरÓ के भीतर समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना है। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
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