० बुवाई कटाई के समय किसानों को मजदूरों की कमी न हो इसलिए 60 दिन तक नए रोजगार कार्य बंद रहेंगे
कोरबा 01 जुलाई (आरएनएस)। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार 1 जुलाई से विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) लागू करने जा रही है।
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार जिले के पंजीकृत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिनों के अकुशल शारीरिक रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। पंजीकृत श्रमिकों को योजना के तहत काम मांगने के बावजूद रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं मजदूरी भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को मुआवजा भी मिलेगा। मस्टर रोल बंद होने के बाद 15 दिनों के भीतर मजदूरी सीधे बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में जमा करनी होगी। यदि भुगतान में देरी होती है तो श्रमिकों को प्रतिदिन 0.05 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा।
दिव्यांगों, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को विशेष रंगीन जॉब कार्ड
महिला मुखिया वाले परिवारों, दिव्यांगों, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, एकल महिलाओं, ट्रांसजेंडर्स और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) को अलग रंग के विशेष रोजगार गारंटी कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके अलावा किसी कार्यस्थल पर पांच या उससे अधिक छोटे बच्चे होने पर उनकी देखभाल के लिए एक महिला श्रमिक की नियुक्ति की जाएगी, जिसे पूर्ण मजदूरी मिलेगी।
पंचायत स्तर पर तैयार होगी
ग्रामीण विकास कार्यों की योजना
ग्रामीण विकास कार्यों की योजना
अब ग्राम पंचायत स्तर पर तैयार होगी। प्रत्येक पंचायत ‘विकसित भारत- 2047Ó के विजन को ध्यान में रखते हुए जीआईएस टूल और पीएम गति शक्ति आधारित स्थानीय विकास योजना बनाएगी। ग्राम सभा की मंजूरी मिलने के बाद ही कार्य शुरू किए जाएंगे। किसानों को खेती के व्यस्त समय में मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए सरकार हर साल बुवाई और कटाई के पीक सीजन को देखते हुए अधिकतम 60 दिनों की अवधि तय करेगी, जिसमें योजना के तहत कोई नया काम शुरू नहीं किया जाएगा।
4 श्रेणियों में रखे गए हैं विकास कार्य , पारदर्शिता बनाए रखने दैनिक बायोमेट्रिक उपस्थिति और जियो टैगिंग अनिवार्य
योजना में होने वाले विकास कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में रखा गया है। इनमें जल सुरक्षा के तहत कैनाल, चेकडैम और तालाब, बुनियादी ढांचे के तहत सड़क,पंचायत भवन और स्कूल,आजीविका संवर्धन के लिए कौशल केंद्र व स्वयं सहायता समूह भवन तथा आपदा प्रबंधन के लिए बाढ़ और चक्रवात शेल्टर बनाए जाएंगे। कार्यस्थलों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दैनिक बायोमेट्रिक उपस्थिति और जियो टैगिंग अनिवार्य की गई है। साथ ही ठेकेदारों और श्रमिकों की जगह लेने वाली मशीनों के उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी।
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