रायपुर, 02 जुलाईं (आरएनएस)। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बैकवर्ड लिंक की जांच में अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से गांजा, प्रतिबंधित दवाइयां, कोडिन सिरप, इंजेक्शन, सिरिंज और नकदी सहित करीब 10.70 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार, 30 जून को थाना गंज क्षेत्र से 10.710 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किए गए मेरठ निवासी अभिषेक कुमार से पूछताछ के दौरान अंतर्राज्यीय नेटवर्क की अहम जानकारी मिली। उसके खुलासे के आधार पर पुलिस ने बैकवर्ड लिंक की जांच करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और किशोर साहू, अजय विश्वकर्मा, शुभम साहू उर्फ बऊ तथा प्रिंस प्रजापति को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के कब्जे से 3 किलोग्राम गांजा, 2,000 नाइट्रोटेन टैबलेट, 30 कोडिन सिरप, 290 पेंटाजोसिन इंजेक्शन, 300 सिरिंज और 3,100 रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में अब तक 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है तथा कुल 16.15 लाख रुपये से अधिक का मादक पदार्थ और अन्य सामान जब्त किया जा चुका है।
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी किशोर साहू ओडिशा का निवासी है और उसके खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है। महासमुंद की अदालत ने उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। वह वर्तमान में उच्च न्यायालय से जमानत पर बाहर था और इसी दौरान दोबारा नशे के कारोबार में सक्रिय हो गया।
रायपुर पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि प्रतिबंधित दवाइयों और गांजे की आपूर्ति किन राज्यों से हो रही थी तथा इन्हें किन क्षेत्रों में खपाया जाना था। पुलिस पूरे नेटवर्क, सप्लायर और रिसीवर की पहचान कर एंड-टू-एंड कार्रवाई कर रही है।
आरोपियों के खिलाफ थाना गंज में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच के दौरान अन्य प्रासंगिक धाराएं भी जोड़ी जा रही हैं।
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