बस्ती 3 जुलाई (आरएनएस)। नगर पंचायत मुण्डेरवा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर मामला चर्चा में आ गया है। मण्डल अध्यक्ष एवं भाजपा नेता सर्वजीत भारती द्वारा शासन और संबंधित अधिकारियों को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि योजना के लाभार्थियों से आवास से संबंधित कार्यों के नाम पर अवैध धन उगाही की जा रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।पत्र के अनुसार, सर्वजीत भारती ने नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को भेजी गई शिकायत में कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत लाभार्थियों से कथित रूप से धन की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन स्तर पर जांच भी कराई गई थी और संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की पड़ताल करने का निर्देश दिया गया था।दस्तावेजों के अनुसार, जिलाधिकारी बस्ती और परियोजना अधिकारी डूडा को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। इसके बाद जांच अधिकारी द्वारा रिपोर्ट तैयार कर संबंधित उच्च अधिकारियों को भेजी गई। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और असंतोष का माहौल बना हुआ है।जांच रिपोर्ट में कुछ शिकायतकर्ताओं के बयान का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के दौरान फोटो खींचने, जियो टैगिंग तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के नाम पर उनसे लगभग 20 हजार रुपये तक की मांग की गई। आरोप यह भी है कि जिन लोगों ने धनराशि नहीं दी, उनके कार्यों को लंबित रखा गया या प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई।एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि योजना से संबंधित कर्मचारियों द्वारा लाभार्थियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था। वहीं दूसरे शिकायतकर्ता ने भी शपथ पत्र और वीडियो के माध्यम से कथित धन उगाही के आरोप लगाए हैं। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ लोगों ने अपने बयान में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।मामले को लेकर सर्वजीत भारती ने अपने पत्र में कहा है कि शिकायत और जांच रिपोर्ट के बावजूद यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो इससे शासन और प्रशासन की छवि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बनी रहे और पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के योजना का लाभ मिल सके।फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या आरोपित पक्ष की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और अंतिम निर्णय पर लोगों की नजर बनी हुई है।
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