0 प्रशासन पर भरोसा तोडऩे का आरोप
मोहला-मानपुर, 04 जुलाई (आरएनएस)। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई गोबर पेंट निर्माण योजना मोहला-मानपुर जिले में विवादों में घिर गई है। मानपुर विकासखंड के सरखेड़ा गांव की पदम महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि प्रशासन के भरोसे गोबर पेंट निर्माण शुरू किया, लेकिन बिक्री नहीं होने से वे लाखों रुपये के कर्ज में डूब गई हैं।

महिलाओं के अनुसार, एनआरएलएम के अधिकारियों ने उन्हें गोबर पेंट निर्माण का रोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया था। साथ ही यह आश्वासन भी दिया गया था कि तैयार पेंट की बिक्री कराने में प्रशासन सहयोग करेगा और शासकीय कार्यालयों में भी इसकी खरीदी कराई जाएगी।
समूह की महिलाओं ने बताया कि प्रशासन के भरोसे उन्होंने सरखेड़ा स्थित रीपा (रूरल इंडस्ट्रियल पार्क) में स्थापित पेंट निर्माण इकाई के माध्यम से बैंक से ऋण लेकर करीब 12 लाख रुपये की लागत से प्राकृतिक गोबर पेंट तैयार किया। इसके लिए बाजार से डिब्बे खरीदकर पैकेजिंग भी कराई गई, लेकिन तैयार पेंट की बिक्री नहीं हो सकी और बड़ी मात्रा में स्टॉक आज भी रीपा केंद्र में पड़ा हुआ है।
महिलाओं का कहना है कि शुरुआती दौर में करीब 3.50 लाख रुपये का पेंट तो बिका, लेकिन अब तक उन्हें केवल 50 हजार रुपये का ही भुगतान मिला है। उनका आरोप है कि लगभग तीन लाख रुपये का भुगतान अब भी लंबित है। बिक्री रुकने से वे बैंक का कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं और आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं।
महिला समूह ने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों ने रोजगार शुरू कराने के लिए भरोसा दिलाया था, वे अब उनकी समस्याओं की सुध लेने भी नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि रोजगार से आर्थिक रूप से सशक्त होने की बजाय वे कर्ज के बोझ तले दब गई हैं।
वहीं, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने महिलाओं को यथासंभव मदद का भरोसा दिया है। हालांकि, प्रभावित महिलाओं का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तैयार गोबर पेंट की बिक्री और लंबित भुगतान की जरूरत है, ताकि वे कर्ज से बाहर निकल सकें।
महिला समूह ने प्रशासन से गोबर पेंट की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने, लंबित भुगतान जारी करने और उत्पाद के लिए बाजार उपलब्ध कराने की मांग की है, जिससे योजना का उद्देश्य पूरा हो सके और स्व-सहायता समूहों को राहत मिल सके।
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