0 गंभीर लापरवाही पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 04 जुलाई (आरएनएस)। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सेमरा (गौरेला रोड) स्थित निजी डी.डी. अस्पताल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। दो महिला मरीजों की मौत और गंभीर चिकित्सीय लापरवाही के आरोपों की जांच के बाद कलेक्टर एवं पर्यवेक्षी प्राधिकारी ने अस्पताल का पंजीयन (लाइसेंस) भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।
रेफर मरीज को बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल में कराया भर्ती
प्रशासनिक जांच के अनुसार, ग्राम बेदरचुआ निवासी ज्योति सोनवानी को 11 जून 2026 को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया था। आरोप है कि रास्ते में एक एजेंट ने एंबुलेंस रुकवाकर मरीज को डी.डी. अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां 11 से 16 जून तक इलाज किया गया, लेकिन हालत बिगडऩे पर उसे सिम्स रेफर कर दिया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृत्यु के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर चक्काजाम किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने उनसे 1.45 से 1.50 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की।
गंभीर गर्भावस्था जटिलता वाली महिला की भी मौत
दूसरे मामले में ग्राम जिलगा निवासी 35 वर्षीय गर्भवती लीलावती को 5 जून 2026 को गंभीर एक्लैम्पसिया और एनीमिया की स्थिति में डी.डी. अस्पताल में भर्ती कर ऑपरेशन किया गया। जांच में सामने आया कि अस्पताल में इस तरह के गंभीर मरीजों के उपचार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। बाद में हालत बिगडऩे पर महिला को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां 20 जून को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
निरीक्षण में सामने आई गंभीर अनियमितताएं
17 और 18 जून को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आईं। जांच के दौरान अस्पताल में 11 मरीज भर्ती मिले, जिनमें तीन मरीजों की सर्जरी हो चुकी थी। इसके बावजूद अस्पताल में न तो कोई चिकित्सक मौजूद था और न ही गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ।
जांच में यह भी पाया गया कि अस्पताल में न स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) उपलब्ध था और न ही एनेस्थेटिस्ट, इसके बावजूद गंभीर ऑपरेशन किए जा रहे थे। अस्पताल प्रबंधन ने लिखित रूप से दावा किया था कि वह एक्लैम्पसिया जैसे गंभीर मामलों का उपचार करने में सक्षम है, लेकिन जांच में इस दावे के समर्थन में कोई आवश्यक चिकित्सा सुविधा नहीं मिली।
नोटिस का जवाब असंतोषजनक
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने 23 जून 2026 को अस्पताल प्रबंधन को छह बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अस्पताल संचालक बी.डी. अग्रवाल द्वारा 30 जून को प्रस्तुत जवाब को प्रशासन ने असंतोषजनक और तथ्यहीन माना।
अस्पताल सील, लाइसेंस निलंबित
दो मरीजों की मौत और गंभीर लापरवाही को अत्यंत गंभीर मानते हुए कलेक्टर एवं पर्यवेक्षी प्राधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम, 2010 के तहत अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी), आईसीयू और वार्ड को सील करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इस कार्रवाई की सूचना लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, स्वास्थ्य संचालनालय, नवा रायपुर तथा पुलिस अधीक्षक, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित संबंधित विभागों को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
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