पेरिस,04 जुलाई। मिडिल-ईस्ट में बढ़ती टेंशन और समुद्री व्यापार की सुरक्षा के मद्देनजर फ्रांस ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपने माइंस हटाने वाले माइन काउंटरमेजऱ एसेट्स को तैनात कर दिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ऐलान किया कि दो माइनहंटर, दो फ्रिगेट और एक समुद्री गश्ती विमान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में भेजे हैं। इनका मकसद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के समुद्री मार्ग को पूरी तरीके से सुरक्षित बनाना और जहाजों की बिना रुके आवाजाही को सुनिश्चित करना है। फ्रांस का कहना है कि वह अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर इस जलमार्ग में नैविगेशन को सामान्य तरीके से फिर से बहाल करने के लिए तैयार है।
इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘फ्रांस ने मिडिल ईस्ट में माइन काउंटरमेजर संसाधनों की तैनात की है, जिनमें स्पेशली 2 माइनहंटर भी हैं। दो फ्रिगेट और एक समुद्री गश्ती विमान के साथ, ये संसाधन हमारे सहयोगी देशों के साथ मिलकर नेविगेशन को फिर से बहाल करने और होरमुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान देने के लिए तैयार हैं।’
फ्रांस के राष्ट्रपति ने आगे लिखा, ‘बीते 17 जून को अमेरिका-ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन पर साइन क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम है, खासकर होर्मुज में नेविगेशन की स्वतंत्रता की पुष्टि करके। इस आशावादी घटनाक्रम और बदलती जरूरतों के मद्देनजर, ओमान के सुल्तान के साथ हुई बातचीत के बाद, मैंने अपनी तैनाती में बदलाव करने का निर्णय किया है।’
इमैनुएल मैक्रों ने ये भी लिखा, ‘अब एयरक्राफ्ट कैरियर चार्ल्स डी गॉल अपने होम पोर्ट टूलॉन को लौट रहा है, जबकि हमारे माइन काउंटरमेजर संसाधन और उनके साथ सेफ्टी के लिए तैनात जहाज वहीं बने रहेंगे और हमारे साथी देशों के साथ मिलकर एक्शन करने के लिए तैयार रहेंगे। फ्रांस पूरी तरह से एक्टिव है और बदलते हालात व होर्मुज की सुरक्षा जरूरतों के आधार पर अपने संसाधनों में बदलाव करता रहेगा।’
साथ ही, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त बयान जारी कर यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे एक बहुराष्ट्रीय सैन्य बल भी तैनात कर सकते हैं। दोनों देशों ने इलाके की स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय कानून, समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता और संप्रभुता के सम्मान बनाए रखने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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