रायपुर, 05 जुलाईं (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी लोक गायिका और देश की महान लोक कला साधिका तीजन बाई का रविवार को 70 वर्ष की आयु में रायपुर एम्स में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थीं और उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। तीजन बाई छत्तीसगढ़ की पहली महिला पंडवानी कलाकार थीं, जिन्होंने अपनी अनूठी प्रस्तुति शैली से इस लोककला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
तीजन बाई ने अपने अद्वितीय गायन और अभिनय के माध्यम से महाभारत की कथाओं को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने देश ही नहीं, विदेशों में भी पंडवानी की प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का परचम लहराया। लोककला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया था। उनके निधन की सूचना मिलते ही विष्णु देव साय रायपुर एम्स पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान श्याम बिहारी जायसवाल और पुरंदर मिश्रा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने तीजन बाई के निधन को छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उनकी कला और विरासत आने वाली पीढिय़ों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।
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