रायपुर, 05 जुलाई (रायपुर)। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से प्रदेश के कई इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश हो रही है। बस्तर संभाग के बड़े बचेली में पिछले तीन दिनों से भारी से अतिभारी बारिश हो रही हैं। प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार पानी गिर रहा है। इससे बारिश की कमी कुछ हद तक दूर हुई हैं। रायपुर में देर रात झमाझम बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली वहीं शहर के कई हिस्से में जलमग्र होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
किसानों को बड़ी राहत, चिंता दूर
इन दिनों हो रही व्यापक बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। कई इलाकों में किसान पहले ही धान की बुआई कर चुके हैं। कई स्थानों पर अभी बुआई कर रहे हैं। कुछ इलाकों में रोपाई भी चल रही है, जहां बोर से पानी की व्यवस्था है। जून में खास बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई थी। उन्हें चिंता थी कि पहले से बोए धान का बीज खराब न हो जाए। अगले 24 घंटे संभलकर रहें, हाई अलर्ट जारी किया है।
पहली झमाझम से ही निगम के दावों की खुली पोल
मानसून की पहली झमाझम बारिश ने ही नगर निगम की सफाई व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। मुख्य मार्गों से लेकर बस्तियों तक की नालियां चोक होने की वजह से सड़कें लबालब हो गईं और वाहनों के पहिए पूरी तरह डूबकर निकले। सबसे बदतर स्थिति नर्मदापारा गुढिय़ारी अंडरब्रिज की रही, जहां जलभराव के कारण काफी देर तक दोनों तरफ से आवाजाही पूरी तरह बंद रही। हर साल की तरह इस बार भी नगर निगम का वॉटर ड्रेनेज सिस्टम पहली ही बारिश में फेल साबित हुआ, वह भी तब जब खुद महापौर मीनल चौबे और निगम आयुक्त संबित मिश्रा लगातार नालों का जायजा ले रहे थे।
निगम के सारे दावे पानी में बहे
निगम प्रशासन ने दावा किया था कि बरसात से पहले सभी बड़े नालों और ड्रेनेज टू ड्रेनेज की सफाई पूरी कर ली गई है, जिससे जलभराव की समस्या नहीं होगी। लेकिन ये सारे दावे पानी में बह गए। शहर के ज्यादातर क्षेत्रों की नालियां कचरे से जाम होने के कारण ओवरफ्लो हो गईं और गंदा पानी मलबे के साथ सड़कों पर फैल गया। प्रोफेसर कॉलोनी, समता कॉलोनी और वीआईपी रोड में नाला निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी। हालांकि, बारिश बंद होने के आधे घंटे बाद पानी तो सरक गया, लेकिन पीछे सड़कों पर गंदगी का अंबार छोड़ गया।
एक्सप्रेस-वे से लेकर वीआईपी रोड तक डूबा शहर
बारिश के बाद एक्सप्रेस-वे से लेकर राजातालाब के नूरानी चौक और खालसा स्कूल के सामने की सड़क तालाब में तब्दील हो गई। इसके अलावा समता कॉलोनी के श्याम खाटू मंदिर रोड, भाठागांव सर्विस रोड, अश्वनी नगर से सुंदरनगर मार्ग, कृषि मंडी रोड और देवेंद्रनगर अस्पताल रोड सहित कई प्रमुख रास्ते हर साल की तरह इस बार भी जलमग्न नजर आए।
एसी कमरा छोड़ फील्ड में उतरें अफसर : मेयर
हालात बिगड़ते देख मेयर मीनल चौबे ने एक बार फिर बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ और सभी 10 जोनों के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जिम्मेदार अधिकारी अब एसी रूम छोड़ फील्ड में उतरें। महापौर ने एडवाइजरी जारी करते हुए निर्देश दिया कि जहां भी जलभराव की सूचना मिले, वहां तत्काल आपदा प्रबंधन की टीम पहुंचकर पानी निकासी का रास्ता साफ करे। लापरवाही बरतने वाले जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अमलीडीह में पाइप काटकर निकाला पानी
जलभराव से निपटने के लिए जोन-10 के स्वास्थ्य अमले ने अमलीडीह बस्ती के पास लास विस्टा सोसायटी के आगे मुख्य मार्ग की नाली जाम होने पर एक लंबा पाइप काटा। इसके बाद जेटिंग मशीन के जरिए नाली की ब्लॉक संरचना को साफ किया गया, तब कहीं जाकर क्षेत्र से पानी की निकासी संभव हो सकी।
एसएस
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