सारंगढ़,6 जुलाई (आरएनएस) । सारंगढ़ कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते से एक वर्ष के भीतर 2 करोड़ 71 लाख 75 हजार 719 रुपये का लेन-देन हुआ था। उसके बैंक खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 56 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल और समन्वय पोर्टल से प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी मिली। जांच में अवैध ट्रांजेक्शन पाए जाने पर थाना सारंगढ़ में अपराध क्रमांक 323/2026 के तहत धारा 317(4) एवं 317(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पूछताछ में आरोपी दिनेश बंजारे (पिता स्व. जोहन लाल), निवासी ग्राम ग्वालीनडीह, थाना सारंगढ़ ने स्वीकार किया कि उसने अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। इसके बदले उसे कमीशन मिलता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एक रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल जब्त की है। आरोपी को 5 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय एवं एसडीओपी स्नेहिल साहू के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रमोद यादव और साइबर सेल की टीम ने संयुक्त रूप से की।
क्या होता है म्यूल अकाउंट
पुलिस के अनुसार, म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है जिनका उपयोग साइबर ठग ठगी से प्राप्त रकम को छिपाने और दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। कई लोग कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग सुविधाएं अपराधियों को उपलब्ध करा देते हैं। इसके बाद ठगी की रकम इन खातों में जमा कर कुछ ही समय में अलग-अलग खातों में भेज दी जाती है, जिससे धन के स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता या बैंकिंग दस्तावेज इस्तेमाल करने के लिए न दें, अन्यथा वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
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