रायपुर, (आरएनएस)। रायपुर नगर निगम में बकाया भुगतान और कथित कमीशनखोरी को लेकर ठेकेदारों का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर नजर आया। सिविल ठेकेदार संघ के बैनर तले ठेकेदारों ने नगर निगम मुख्यालय के सामने काम बंद कर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि बिना कमीशन दिए भुगतान की फाइलें आगे नहीं बढ़ाई जा रही हैं।

ठेकेदारों का दावा है कि निगम पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित है। कई ठेकेदारों को छह महीने से लेकर डेढ़ साल तक भुगतान नहीं मिला है। उनका कहना है कि बैंक से कर्ज लेकर काम करने वाले ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जबकि निगम में भुगतान के लिए कथित तौर पर अलग-अलग स्तर पर कमीशन की मांग की जाती है।
प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि हर फाइल का अलग “रेट” तय है और 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन मांगा जाता है। उनका यह भी आरोप है कि अधिकारियों, जोन अध्यक्षों और जनप्रतिनिधियों के स्तर पर भी भुगतान के लिए हिस्सेदारी तय रहती है। साथ ही, अधिकारियों पर मुफ्त में अतिरिक्त काम कराने और बाद में देरी का ठीकरा ठेकेदारों पर फोडऩे का आरोप लगाया गया।
सिविल ठेकेदार संघ के अध्यक्ष दुर्गेश ने कहा कि वर्तमान नगर निगम आयुक्त के कार्यकाल में व्यवस्थाएं और बिगड़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार फाइलें गायब हो जाती हैं और ठेकेदारों को अपने ही भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
संघ ने नगरीय प्रशासन मंत्री और राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच, लंबित भुगतान जल्द जारी करने तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों पर रायपुर नगर निगम प्रशासन या महापौर की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
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