अहमदाबाद 07 Jully (Rns) । गुजरात हाई कोर्ट ने साल 2008 में हुए विनाशकारी अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट मामले में एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ा फैसला सुनाया है। उच्च न्यायालय ने इस आतंकी हमले के 38 दोषियों को मिली फांसी की सजा (मृत्युदंड) को पूरी तरह से बरकरार रखा है। कोर्ट के इस कड़े रुख से देश के इतिहास के सबसे बड़े आतंकी मामलों में से एक के पीड़ितों को बड़ा न्याय मिला है।
ट्रायल कोर्ट के फैसले पर हाई कोर्ट की मुहर
इससे पहले, अहमदाबाद की विशेष सिटी सेशंस कोर्ट (ट्रायल कोर्ट) ने इस खौफनाक मामले में अपना फैसला सुनाते हुए 38 आतंकियों को फांसी और 11 अन्य दोषियों को ताउम्र जेल (उम्रकैद) की सख्त सजा सुनाई थी। देश के न्यायिक इतिहास में यह पहला मौका था जब एक साथ इतने अधिक दोषियों को मौत की सजा दी गई थी। इस फैसले के बाद, नियमों के तहत राज्य सरकार की ओर से सजा की पुष्टि के लिए गुजरात हाई कोर्ट में एक कन्फर्मेशन याचिका (Confirmation Petition) दायर की गई थी। हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें और सबूतों को दोबारा परखने के बाद निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया

