रायपुर,07 जुलाईं (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फर्जी निकाह और विवादित विवाह मामलों पर रोक लगाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। नए नियमों के तहत यदि कोई मुस्लिम युवक या युवती किसी गैर-मुस्लिम से निकाह करना चाहता है, तो उसे पहले वक्फ बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रदेश में केवल वक्फ बोर्ड से पंजीकृत मौलाना ही निकाह पढ़ा सकेंगे।वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों की सहमति, आवश्यक दस्तावेज और कानूनी औपचारिकताओं की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति निकाह पढ़ाने वाले मौलानाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के सभी निकाह कराने वाले मौलानाओं का पंजीकरण भी किया जाएगा।वक्फ बोर्ड के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य फर्जी पहचान, दस्तावेज छिपाकर विवाह कराने और विवादित मामलों पर प्रभावी निगरानी रखना है। अब प्रत्येक निकाह का रिकॉर्ड वक्फ बोर्ड के पास सुरक्षित रखा जाएगा और निकाह के बाद जारी होने वाला प्रमाणपत्र भी बोर्ड के माध्यम से जारी किया जाएगा।बोर्ड के पदाधिकारियों का कहना है कि आदिवासी क्षेत्रों से महिलाओं को बहला-फुसलाकर विवाह करने तथा संपत्ति विवाद से जुड़े कुछ मामलों की शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए निकाह प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने, सभी निकाह का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और संदिग्ध मामलों की निगरानी बढ़ाने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
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