धमतरी,07 जुलाईं (आरएनएस)। 53 किलोग्राम गांजा तस्करी के मामले में धमतरी पुलिस को बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1-1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना और मजबूत साक्ष्य प्रस्तुति के आधार पर आया है।पुलिस के अनुसार, 9 जनवरी 2024 को थाना बोराई पुलिस ने बैरियर नाका पर वाहन जांच के दौरान ओडिशा की ओर से आ रही मारुति ज़ेन कार (एमपी-20-एफए-2513) को रोककर तलाशी ली थी। कार की डिक्की और बीच की सीट में रखी तीन प्लास्टिक बोरियों से 53 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। मौके से मध्यप्रदेश के सतना निवासी तोषण विश्वकर्मा उर्फ राजा और रीवा निवासी विजय विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी गांजा परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने गांजा, कार, दो मोबाइल फोन और नकद राशि सहित कुल 11.10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) के तहत मामला दर्ज किया था।प्रकरण की विवेचना तत्कालीन विवेचना अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक रामकृष्ण साहू ने की। न्यायालय में प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने इस न्यायिक सफलता पर विवेचना अधिकारी रामकृष्ण साहू को उत्कृष्ट अनुसंधान और प्रभावी साक्ष्य संकलन के लिए 500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक विवेचना के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल अपराधियों को कठोर सजा दिलाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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