नई दिल्ली 08 Jully (Rns) : होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। भारत आ रहे कतर के एक एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) से लदे जहाज पर संदिग्ध ड्रोन से हमला किया गया है। एलएनजीसी अल रेकय्यात नामक यह जहाज कतर के रास लफ्फान बंदरगाह से गुजरात के दहेज बंदरगाह की ओर जा रहा था, तभी इसे निशाना बनाया गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे भारी धुआं उठने लगा। हालांकि, किसी के हताहत होने या गैस रिसाव की सूचना नहीं है। जहाज पर कुल 29 चालक दल के सदस्य सवार हैं, जिनमें चार भारतीय नाविक भी शामिल हैं। सरकारी सूत्रों ने एएनआई को बताया कि सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
सूत्रों के अनुसार, 7 जुलाई को अरब सागर और ओमान की खाड़ी के मिलन बिंदु के पास ट्रांजिट के दौरान एलएनजीसी अल रेकय्यात पर संदिग्ध ड्रोन से हमला हुआ। घटना की जानकारी संबंधित समुद्री प्राधिकरणों को दे दी गई है। हमले के बावजूद जहाज अपनी यात्रा जारी रखते हुए दहेज बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है।
बताया जा रहा है कि इस घटना से कुछ घंटे पहले भी फारस की खाड़ी के इसी समुद्री मार्ग से गुजर रहे दो अन्य तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया था। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी एक जहाज पर अज्ञात ड्रोन हमले की पुष्टि की है। एजेंसी के अनुसार, हमला ओमान के तट के पास हुआ, जब जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर ओमान की खाड़ी में प्रवेश कर रहा था। प्रोजेक्टाइल जहाज के बाईं ओर (पोर्ट साइड) से टकराया, लेकिन जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में सक्षम रहा।
होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास लगातार बढ़ते हमलों ने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि, इस हमले के लिए जिम्मेदार पक्ष की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इसलिए यह कहना कि हमला किसी विशेष देश ने किया, फिलहाल पुष्ट नहीं है।

