पिथौरागढ़ 08 Jully (Rns) : तिब्बत में स्थित हिंदुओं के परम पावन कैलाश पर्वत के भारतीय सीमा से दर्शन करने की आस लगाए बैठे शिवभक्तों को अभी करीब दो महीने का लंबा इंतजार और करना होगा। वर्तमान में इस प्रतिबंधित सीमांत क्षेत्र के लिए जरूरी ‘इनर लाइन परमिट’ (ILP) जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह रोक दिया गया है। स्थानीय जिला प्रशासन के मुताबिक, आगामी सितंबर महीने के आसपास जब यह परमिट दोबारा शुरू होंगे, तभी आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु समुद्र तल से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद ‘ओल्ड लिपुलेख’ (ओल्ड लिपुपास) पहुंचकर भारत की सरजमीं से कैलाश पर्वत के अलौकिक दर्शन कर पाएंगे।
खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से सेना ने लगाई अस्थायी रोक
इस साल यात्रा सीजन की शुरुआत में देश के कोने-कोने से पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ओल्ड लिपुलेख पहुंचकर कैलाश पर्वत के दर्शन किए थे। हालांकि, बाद में सीमा पर तेजी से बदलते खराब मौसम और सामरिक सुरक्षा कारणों को देखते हुए भारतीय सेना ने इस संवेदनशील क्षेत्र में आम नागरिकों की आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था। हाल ही में जिला प्रशासन और सेना के उच्चाधिकारियों के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद कुछ सीमित वीआईपी पर्यटकों को तो वहाँ जाने की अनुमति दी गई, लेकिन आम श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) बंद होने के कारण अभी वहां जाना मुमकिन नहीं हो पा रहा है

