सक्ती, 08 जुलाई (आरएनएस)। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट से प्रभावित भू-विस्थापित परिवारों ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और एक एसडीएम के खिलाफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायालय की अवमानना (कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट) याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पुनर्वास एवं पुनस्र्थापना नीति के तहत पात्र परिवारों को भत्ता और अन्य लाभ उपलब्ध नहीं कराए गए।याचिका में अनिल अग्रवाल के अलावा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो तथा डभरा एसडीएम को पक्षकार बनाया गया है।वर्ष 2008 में हुआ था भूमि अधिग्रहणमामला सिंघीतराई स्थित उस पावर प्लांट से जुड़ा है, जिसे पहले एथेना पावर प्लांट के नाम से जाना जाता था। प्लांट की स्थापना के लिए वर्ष 2008 में आसपास के गांवों की लगभग 1,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिससे 800 से अधिक परिवार प्रभावित हुए थे।भू-विस्थापितों का कहना है कि पुनर्वास एवं पुनस्र्थापना नीति-2007 के तहत प्रभावित परिवारों को नौकरी अथवा नियमानुसार भत्ता मिलना था, लेकिन आज तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिला।2022 में वेदांता ने किया अधिग्रहणयाचिका के अनुसार, एथेना पावर प्लांट का संचालन वर्ष 2013 में शुरू हुआ था, लेकिन वित्तीय संकट के कारण 2016 में बंद हो गया। बाद में 2022 में वेदांता ग्रुप ने इसका अधिग्रहण किया और 2025 में प्लांट का संचालन दोबारा शुरू किया।भू-विस्थापितों का आरोप है कि प्लांट फिर से चालू होने के बाद भी 400 से अधिक परिवारों को न रोजगार मिला और न ही नियमानुसार भत्ता। उनका कहना है कि वे पिछले 13 वर्षों से अपने अधिकारों से वंचित हैं।हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने का आरोपप्रभावित परिवारों के अनुसार, वर्ष 2021 में 37 परिवारों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। करीब दो वर्ष बाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन और राज्य शासन को मामले के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति ने प्लांट प्रबंधन को पात्र भू-विस्थापितों को नियमानुसार भत्ता देने के निर्देश जारी किए। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया। उनका यह भी कहना है कि करीब दो माह पहले सक्ती कलेक्टर ने भी हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन कराने के लिए पत्र जारी किया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के बाद उन्होंने अवमानना याचिका दायर की।कलेक्टर ने क्या कहासक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन की ओर से प्लांट प्रबंधन को पात्र भू-विस्थापितों को नियमानुसार भत्ता देने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन मामले के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।फिलहाल मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में होना बाकी है। याचिका में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से न्यायालय के समक्ष जवाब प्रस्तुत किया जाएगा।
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