0-देशभर में सक्रिय हुआ मानसून, कई राज्यों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन का खतरा; मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
नई दिल्ली,08 जुलाई(आरएनएस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड सहित देश के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो-तीन दिनों में पूरे देश को कवर कर लेगा। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के डिप्रेशन में बदलने और उसके बाद साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से पूर्वी, मध्य और पश्चिमी भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
आईएमडी के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तरी भारत में मानसून की स्थिति फिलहाल अनुकूल बनी हुई है। मानसून पूरे गुजरात में सक्रिय हो चुका है और राजस्थान के कई हिस्सों तक पहुंच गया है। इसके प्रभाव से कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा सहित कई क्षेत्रों में व्यापक वर्षा हो रही है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और गुजरात के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और आने वाले दिनों में भी यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और येलो, ऑरेंज तथा रेड अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश के आगरा, इटावा और जालौन में सोमवार को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं उत्तराखंड के चंपावत, देहरादून, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल और ऊधम सिंह नगर में भी तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़, चट्टान गिरने और मिट्टी खिसकने की आशंका को देखते हुए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में अगले कुछ दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
आईएमडी ने महाराष्ट्र के पालघर जिले तथा गुजरात के अरावली, दादरा एवं नगर हवेली, दमन, नवसारी, साबरकांठा और वलसाड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा सौराष्ट्र-कच्छ में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, शहरी बाढ़ और यातायात बाधित होने की आशंका जताई गई है।
पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत में पूरे सप्ताह मानसून सक्रिय रहेगा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम में व्यापक वर्षा के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे नदियों का जलस्तर बढऩे, स्थानीय बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।
केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के आंतरिक क्षेत्रों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय कर्नाटक में अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है, जबकि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण देश में कम समय में अत्यधिक वर्षा की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में अचानक भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है।
हालांकि इस वर्ष मानसून के दौरान अल नीनो के प्रभाव की संभावना बनी हुई है, लेकिन इंडियन ओशन डाइपोल (आईओडी) की स्थिति इसके असर को कुछ हद तक संतुलित कर सकती है। फिलहाल मौसम विभाग ने न्यूट्रल आईओडी की स्थिति रहने का अनुमान जताया है।
आईएमडी ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, पेड़ों और कमजोर ढांचों के नीचे शरण नहीं लेने तथा मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। वहीं मछुआरों को उत्तर-पश्चिम, मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी सहित ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल तट के समुद्री क्षेत्रों में अगले आदेश तक नहीं जाने की सलाह दी गई है।
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