दरभंगा,08 जुलाई(आरएनएस)। बिहार के दरभंगा बम ब्लास्ट में घायल मजदूर रामबाबू पासवान की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना से नाराज स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा. गुस्साए लोगों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा और अन्य घायल मजदूर के बेहतर इलाज के साथ दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
चंदनपट्टी चौक के पास लहेरियासराय-बहेड़ी मुख्य पथ तथा देकुली-सिसौनी मार्ग को लोगों ने जाम कर दिया. सड़क जाम होने के कारण दोनों मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई. आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया.
ग्रामीणों का आरोप है कि बम विस्फोट में घायल रामबाबू पासवान और भोला पासवान को पहले डीएमसीएच में भर्ती कराया गया, लेकिन वहां समुचित इलाज नहीं मिला और दोनों को पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया.
सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास शुरू किया, हालांकि ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे. परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते रहे.
ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक गरीब परिवार की जिंदगी उजडऩे की घटना है. रामबाबू पासवान की मौत के बाद उनके परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है. फिलहाल प्रशासन लोगों से बातचीत कर सड़क जाम समाप्त कराने और मामले में आगे की कार्रवाई का भरोसा दिलाने में जुटा है.
7 जुलाई को दरभंगा में एक निर्माणाधीन चहारदीवारी के पास एक झोले में संदिग्ध रूप से अचानक विस्फोट हो गया. इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. एक मजदूर के हाथ उड़ गया था तो वहीं दूसरे के सिर में गंभीर चोट लगी थी. 2008 में इस जमीन को नेयाज से मोहम्मद शाहिद ने खरीदी. फिर इसे किसी दूसरे को नेयाज ने बेच दी इसी विवाद में धमाके की बात समाने आ रही थी, फिलहाल पुलिस अभी मामले को जांच रही है.
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