छपारा 8 जुलाई (आरएनएस)। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्य-स्तरीय साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान “सेफ क्लिक 2.0” के अंतर्गत छपारा पुलिस द्वारा मैराथन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक्स, अज्ञात वीडियो कॉल्स तथा डिजिटल फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक करना था।
इस प्रतियोगिता में नगर की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था मिशन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छपारा के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यालय के यश कुमार गज्जम (कक्षा 11वीं) ने प्रथम स्थान, भव्या ठाकुर (कक्षा 9वीं) ने द्वितीय स्थान तथा दिव्यांशु नायक (कक्षा 11वीं) ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
विजेता विद्यार्थियों को नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती निशा पटेल एवं एसडीओपी लखनादौन द्वारा शील्ड एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।
इस अवसर पर नगर परिषद छपारा की अध्यक्ष श्रीमती निशा पटेल, मिशन स्कूल के हिन्दी माध्यम के प्राचार्य श्री संजय मसीह, अंग्रेज़ी माध्यम के प्राचार्य श्री प्रदीप कुमार, शिक्षकगण श्री जावेद ख़ान, श्री संजय बंजारा एवं श्री जुनेद ख़ान तथा पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
एसडीओपी एवं नगर परिषद अध्यक्ष ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने, सुरक्षित इंटरनेट का उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने का संदेश दिया। एसडीओपी ने विशेष रूप से बताया कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार हों, तो घबराएँ नहीं, बल्कि तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएँ, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में नगर निरीक्षक श्री खेमेंद्र जैतवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यालय परिवार ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए छपारा पुलिस एवं मध्य प्रदेश पुलिस के इस जनहितकारी जागरूकता अभियान की सराहना की।
विद्यालय प्रबंधन ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार एवं सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेंगे।

