रायपुर, 10 जुलाई (आरएनएस)। भारतीय मछुआरा दिवस के अवसर पर मत्स्य पालन मंत्री रामविचार नेताम ने प्रदेश के सभी मत्स्य पालकों, मछुआरा भाइयों-बहनों, मत्स्य सहकारी समितियों एवं मत्स्य व्यवसाय से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी है।
मंत्री नेताम ने कहा है कि 10 जुलाई भारतीय मत्स्य पालन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिवस है। वर्ष 1957 में भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा कृत्रिम प्रजनन तकनीक के माध्यम से भारतीय प्रमुख कार्प मछलियों के सफल प्रजनन की उपलब्धि ने देश में वैज्ञानिक मत्स्य पालन की मजबूत नींव रखी। आज यही क्षेत्र लाखों लोगों के रोजगार, पोषण सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएँ हैं। राज्य सरकार मत्स्य किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने, मत्स्य उत्पादन में वृद्धि तथा स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कृषि मंत्री नेताम ने प्रदेश के मत्स्य किसानों से आह्वान किया कि वे उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए आधुनिक एवं वैज्ञानिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाएँ, जिससे उत्पादन बढ़े, आय में वृद्धि हो और छत्तीसगढ़ मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करे।
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