दुर्ग,11 जुलाईं (आरएनएस)। जिले में लगातार हो रही चोरी की वारदातों का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर करीब 32 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चोरी में प्रयुक्त उपकरण और तीन वाहन बरामद किए हैं। आरोपियों ने मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में हुई आठ चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।पुलिस के अनुसार, लगातार हो रही चोरियों को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाया गया। रात्रिकालीन पेट्रोलिंग, सघन नाकेबंदी, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से 10 जुलाई की रात एक संदिग्ध सफेद इंडिगो कार को रोका गया। वाहन से दो एलईडी टीवी, डीवीआर और चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद हुए। पूछताछ में मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा (41) निवासी जामुल और उसके साथी तुषार मिश्रा (40) निवासी भिलाई ने कई चोरी की घटनाओं का खुलासा किया।
एमआर की नौकरी छोड़ बना चोर
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के रूप में कार्य करता था और हर महीने 60 से 70 हजार रुपये कमाता था। ऑनलाइन लोन ऐप से लिए गए कर्ज और बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण उसने सूने मकानों की रेकी कर चोरी करना शुरू कर दिया। वह रात के समय सब्बल और पेचकस की मदद से घरों में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण और कीमती सामान चोरी करता था।
फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखे थे गहने
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के सोने के आभूषणों को विभिन्न फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर ऋण लिया जाता था। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया के तहत मुथूट फाइनेंस, आईआईएफएल फाइनेंस और बजाज गोल्ड फाइनेंस से गिरवी रखे गए आभूषण भी बरामद कर लिए हैं।32 लाख का मशरूका जब्त
पुलिस ने आरोपियों से करीब 168 ग्राम सोने के आभूषण, 150 ग्राम चांदी के जेवर, दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, चोरी में प्रयुक्त औजार, एक इंडिगो कार, एक फोर्ड इकोस्पोर्ट और एक एक्सेस स्कूटी सहित लगभग 32 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है।
इन आठ मामलों का हुआ खुलासा
आरोपियों ने मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के साकेत कॉलोनी, मधुबन नगर, विराट नगर, सुंदर नगर और जगदीश विहार में हुई चोरी और चोरी के प्रयास सहित कुल आठ मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घर खाली छोडऩे से पहले स्थानीय पुलिस या विश्वसनीय पड़ोसियों को इसकी जानकारी दें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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