रायपुर, 11 जुलाईं (आरएनएस)। बारिश के दौरान खुले गड्ढों और निर्माणाधीन स्थलों पर बच्चों के हादसों को गंभीरता से लेते हुए संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, छत्तीसगढ़ ने राज्य के सभी नगर निगम आयुक्तों एवं नगर पालिका परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग- ने विभिन्न स्थानों पर खुले निर्माणाधीन गड्ढों, सड़कों के गड्ढों तथा बारिश में ढकी नालियों में गिरकर बच्चों की मौत की घटनाओं पर चिंता जताई है। इसे बच्चों के जीवन के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए आयोग ने -बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005- की धारा 13 एवं 15 के तहत आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों के अनुसार सभी नगरीय निकायों को तत्काल विशेष सर्वे अभियान चलाकर खुले गड्ढों, नालियों और निर्माणाधीन स्थलों की पहचान करनी होगी। ऐसे स्थानों को या तो तत्काल भरने या उनके चारों ओर बल्ली, बैरिकेडिंग अथवा अन्य सुरक्षा घेरा लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों के गिरने की आशंका समाप्त हो सके।
साथ ही सभी निर्माण एजेंसियों और आवासीय कॉलोनियों को निर्देशित किया गया है कि निर्माण कार्य के लिए खोदे गए नींव, कॉलम या अन्य गड्ढों के चारों ओर अनिवार्य रूप से सुरक्षा घेरा बनाया जाए। संवेदनशील निर्माण स्थलों पर चौकीदार या सुरक्षाकर्मी की तैनाती भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
संचालनालय ने यह भी कहा है कि बारिश के दौरान पानी से भरे छोटे और बड़े गड्ढों में अंतर समझ पाना बच्चों के लिए मुश्किल होता है, जिससे स्कूल आते-जाते या खेलते समय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सभी नगरीय निकायों को इस विषय पर विशेष सतर्कता बरतने और भविष्य में होने वाले प्रत्येक निर्माण कार्य में आयोग के सुरक्षा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा सभी निकायों को निर्देशित किया गया है कि वे हर माह आयोग के निर्देशों के पालन संबंधी प्रतिवेदन संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास को भेजना सुनिश्चित करें।
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