0 नगरीय निकाय और पंचायत विभाग शीर्ष पर
0 विधानसभा में सरकार ने दी जानकारी, आवश्यक सेवाओं वाले विभागों के कनेक्शन काटने से पहले जारी किए जाते हैं नोटिस
रायपुर, 14 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में जहां आम उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया होने पर विद्युत कंपनी कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई करती है, वहीं सरकारी विभागों पर हजारों करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार जून 2026 तक प्रदेश के 42 शासकीय विभागों, निगमों, मंडलों और आयोगों पर कुल 3,035.37 करोड़ का प्रावधिक बिजली बिल बकाया है।
यह जानकारी पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1,57,341 सरकारी बिजली कनेक्शनों पर यह बकाया राशि दर्ज है।
नगरीय प्रशासन विभाग पर सबसे ज्यादा बकाया
सरकार के आंकड़ों के अनुसार नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग पर सबसे अधिक 1,525.18 करोड़ का बिजली बिल बकाया है, जो कुल बकाया राशि का लगभग आधा हिस्सा है। इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर 1,057.56 करोड़ का बकाया दर्ज है। इन दोनों विभागों पर ही कुल बकाया का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा केंद्रित है।
अन्य प्रमुख विभागों का बकाया
बिजली बिल बकाया वाले प्रमुख विभागों में शामिल हैं—
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग – 1,525.18 करोड़
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग – 1,057.56 करोड़
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग – 111.42 करोड़
स्कूल शिक्षा विभाग – 83.39 करोड़
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग – 40.70 करोड़
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग – 32.56 करोड़
अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग – 30.95 करोड़
महिला एवं बाल विकास विभाग – 28.57 करोड़
जल संसाधन विभाग – 28.47 करोड़
सबसे कम बकाया वाले विभाग
सरकार के अनुसार नया रायपुर (स्मार्ट सिटी) और रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) पर केवल 0.01-0.01 करोड़ का बकाया है। वहीं वित्त विभाग पर 0.22 करोड़, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग पर 0.23 करोड़, सुशासन एवं अभिसरण विभाग पर 0.27 करोड़ तथा श्रम विभाग पर 0.29 करोड़ का बकाया दर्ज है।
सरकार ने बताई कनेक्शन काटने की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने जवाब में बताया कि बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर नियमानुसार उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर विद्युत आपूर्ति विच्छेद की प्रक्रिया अपनाई जाती है। हालांकि जल प्रदाय, अस्पताल, स्कूल शिक्षा और सड़क प्रकाश व्यवस्था जैसी आवश्यक जनहित सेवाओं से जुड़े शासकीय विभागों के कनेक्शन तत्काल नहीं काटे जाते। पहले संबंधित विभागों को बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं, ताकि आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित न हों।
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