नई दिल्ली, 14 जुलाई (आरएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दिल्ली दंगों में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में आए न्यायालय के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे न्याय, कानून, संविधान और जनता की जीत बताया और साथ ही आम आदमी पार्टी व कांग्रेस पर तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। गौरव भाटिया ने कहा कि कल न्यायपालिका ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। इस फैसले में साबित हो गया कि अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की जघन्य हत्या करने वाले दोषियों को सजा मिली है। अब तक 5 लोगों को दोषी ठहराया गया है। गौरव भाटिया ने कहा कि इस मामले का मुख्य अभियुक्त *ताहिर हुसैन* घटना के समय आम आदमी पार्टी का निर्वाचित पार्षद था और अरविंद केजरीवाल का खासमखास था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह अपराध हुआ तब ताहिर हुसैन कानून और हिंदुओं से नफरत करने वाला व्यक्ति था। उसने भड़काऊ बयान देकर इस घटना को अंजाम दिया। गौरव भाटिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल उस समय छुप गए थे। उन्होंने ताहिर हुसैन को पार्टी से निष्कासित नहीं किया, बल्कि उसे राजनीतिक संरक्षण दिया।
गौरव भाटिया ने केजरीवाल से 5 सवाल पूछे: 1. क्या केजरीवाल देश और दिल्ली की जनता से माफी मांगेंगे? 2. किन कारणों से उन्होंने नफरत फैलाने का काम किया? जनता का विश्वास है कि केजरीवाल के इशारे पर ताहिर हुसैन ने यह सब किया।
3. ताहिर हुसैन को राजनीतिक संरक्षण क्यों दिया गया?
4. जब कानून और पुलिस अपना काम कर रही थी तो ओछी राजनीति क्यों की गई? 5. आज भी केजरीवाल के ताहिर हुसैन से संबंध क्यों हैं? उन्होंने आम आदमी पार्टी नेता अमानतुल्लाह खान के बयान पर भी आपत्ति जताई। अमानतुल्लाह ने कोर्ट के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। गौरव भाटिया ने कहा कि शहीद अंकित शर्मा के लिए इनके मुंह से एक शब्द नहीं निकला, लेकिन दोषी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण कहा जा रहा है। क्या यह वोटबैंक की राजनीति नहीं है? गौरव भाटिया ने कहा कि दिल्ली दंगों की पृष्ठभूमि में संसद से नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए पारित हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आप ने सीएए पर झूठ फैलाकर तुष्टिकरण की राजनीति की। उन्होंने कहा कि हम पूरी जिम्मेदारी के साथ पूछते हैं कि भारत के कितने मुसलमानों की नागरिकता गई? इसका उत्तर शून्य है, क्योंकि एक भी मुसलमान की नागरिकता नहीं गई। उन्होंने सोनिया गांधी के आर-पार की लड़ाई वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि जब कानून पारित हो चुका था और किसी की नागरिकता नहीं जा रही थी, तब इस तरह के भड़काऊ बयान क्यों दिए गए? साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि दंगा प्रभावित बृजपुरी में राहुल गांधी केवल मस्जिद गए, हीलिंग टच की बात की, लेकिन अंकित शर्मा के परिवार से मिलने नहीं गए। _यह हीलिंग टच नहीं, ब्लीडिंग टच था। यह केवल तुष्टिकरण था,_ भाटिया ने कहा। गौरव भाटिया ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अंकित शर्मा के शरीर पर 51 बार चाकू से वार के निशान थे। उनका कसूर सिर्फ इतना था कि वह देश के लिए ड्यूटी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने कभी पीडि़त परिवारों के साथ खड़े होने की बात नहीं की। ये सभी लाशों पर राजनीति करते हैं और आरोपी के साथ खड़े होते हैं क्योंकि आरोपी का धर्म इनका वोटबैंक है। गौरव भाटिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस न्यायिक फैसले का सम्मान करती है और स्वागत करती है। मार्च 2020 में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि एक-एक आरोपी को पकड़कर सजा दी जाएगी। आज वह वादा पूरा हुआ है।
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