0-कहा-बंगाल के नव-निर्माण में धार्मिक संस्थाओं का भी सहयोग लेगी सरकार
कोलकाता/हुगली/हावड़ा,16 जुलाई(आरएनएस)। पश्चिम बंगाल में बारिश की बौछारों के बीच आज आस्था का महा-उत्सव शुरू हुआ।
महानगर सहित बंगाल में आज विभिन्न जगहों पर रथयात्रा की धूम रही। श्रद्धालु जय जगन्नाथ के उद्घोष के साथ रथ यात्रा में शामिल हुए और रथयात्रा की जहां देखों वहां धूम रही। इस दौरान सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था रही है और महानगर कोलकाता में व्यापक स्तर पर पुलिस बल तैनात रही। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आज दोपहर करीब 12 बजे कोलकाता के अल्बर्ट रोड स्थित ऐतिहासिक इस्कॉन मंदिर पहुंचकर भव्य रथयात्रा का औपचारिक उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने राधा माधव के विग्रह की महाआरती की और पारंपरिक ‘छेडा पहनरा’ (सोने की झाड़ू से रथ के मार्ग की सफाई) की रस्म अदा कर भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींची। उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ की महाआरती उतारने के बाद सुरक्षा घेरे को दरकिनार कर आम जनता के साथ शामिल हुए और भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र के विशाल रथ को अपने हाथों से खींचकर आगे बढ़ाया। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा, हम इस्कॉन, रामकृष्ण मठ और मिशन, भारत सेवाश्रम संघ जैसी प्रतिष्ठित और सेवाभावी संस्थाओं को साथ लेकर चलेंगे। बंगाल के नव-निर्माण और सामाजिक कल्याण की राह में इन आध्यात्मिक संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रही है।इस्कॉन के इस मंच से मुख्यमंत्री के इस बयान ने न केवल मिड-डे मील पर चल रही राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है, बल्कि आगामी 1 अगस्त से लागू होने जा रही इस नई व्यवस्था को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता भी जाहिर कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ राष्ट्रवादी और सनातन विचारधारा में विश्वास रखने वाले व्यक्ति के रूप में इस्कॉन की रथयात्रा में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य का विकास भी होगा और हमारी संस्कृति को भी समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, आज का दिन भक्तों का दिन है। उपस्थित श्रद्धालुओं के अनुरोध पर उन्होंने गौड़ीय भक्ति संगीत की कुछ पंक्तियां भी गाईं।
मुख्यमंत्री ने इस्कॉन की सराहना करते हुए मिड-डे मील योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, राज्य में मिड-डे मील किचन स्थापित किए जा रहे हैं, लेकिन इस्कॉन लंबे समय से यह कार्य कर रहा है। देश के 22 बड़े शहरों में स्कूलों के मिड-डे मील की जिम्मेदारी इस्कॉन निभा रहा है। उन्होंने कहा कि इस्कॉन द्वारा उपलब्ध कराया जाने वाला भोजन पौष्टिक होता है। साथ ही उन्होंने पिछले वर्षों में मिड-डे मील योजना में हुई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का भी उल्लेख किया। उल्लेखनीय है कि रथयात्रा को लेकर राज्य सरकार ने इस बार कुछ नई पहल की हैं। सरकार ने इस वर्ष राज्य की 60 रथयात्रा समितियों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भविष्य में केवल प्रशासनिक अधिकारियों या जन प्रतिनिधियों के भरोसे ही शासन नहीं चलेगा, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में दशकों का अनुभव रखने वाली आध्यात्मिक और सामाजिक संस्थाओं को भी साथ जोड़ा जाएगा।
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