0 बलौदाबाजार हिंसा मामला: स्ष्ट ने अमित बघेल समेत 3 आरोपियों को दी जमानत
0 जेल से बाहर आने का रास्ता साफ, अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत
रायपुर, 17 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को बलौदाबाजार हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत दे दी। इस मामले में सह-आरोपी अजय यादव और दिनेश वर्मा को भी जमानत का लाभ मिला है। इसके साथ ही अमित बघेल के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
इससे पहले रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा खंडित होने के दौरान सिंधी समाज के आराध्य के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में भी अमित बघेल को जमानत मिल चुकी है।
अमित बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी. बी. सुरेश और अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि मामले के अन्य आरोपी करीब सात महीने से जेल में हैं, जबकि अमित बघेल की हिरासत अवधि अपेक्षाकृत कम है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने पहले उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि केवल हिरासत की अवधि कम होना जमानत खारिज करने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए अमित बघेल को जमानत प्रदान कर दी।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने अमित बघेल को हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए ‘किंगपिनÓ करार दिया था, लेकिन इस आरोप के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और जांच से जुड़े सभी दस्तावेज रिकॉर्ड पर उपलब्ध हैं। ऐसे में आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना उचित नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अमित बघेल समेत तीनों आरोपियों को जमानत देने का आदेश दिया। इससे बलौदाबाजार हिंसा मामले में अमित बघेल को बड़ी कानूनी राहत मिली है।
त्रिपाठी
0

