0 फसल बचाने 7 अहम सुझाव जारी
जशपुर, 18 जुलाई (आरएनएस)। जिले में बेमौसम बारिश और लगातार बादल छाए रहने की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए सात सूत्रीय सलाह जारी की है। कृषि विशेषज्ञों ने कहा है कि समय रहते उचित प्रबंधन अपनाकर किसान फसलों को जलभराव, फफूंदजनित रोगों और अन्य प्राकृतिक नुकसान से बचा सकते हैं।

कृषि विभाग की 7 प्रमुख सलाह
1. खेत से पानी की निकासी करें
खेत में 6 से 8 घंटे से अधिक पानी जमा न रहने दें। जलभराव होने पर तुरंत नालियां बनाकर पानी निकालें। इससे जड़ सड़न और फफूंदजनित रोगों का खतरा कम होगा। आवश्यकता पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह से मैन्कोजेब (Mancozeb), कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (Copper Oxychloride) और कार्बेन्डाजिम (Carbendazim) जैसे फफूंदनाशकों का उपयोग करें।
2. पौधों को सहारा दें
बांस या रस्सी की सहायता से पौधों को सहारा (स्टेकिंग) दें ताकि पौधे और फल जमीन के संपर्क में न आएं। इससे बारिश के छींटों से रोग फैलने की संभावना कम होगी।
3. मल्चिंग अपनाएं
सूखी घास, पुआल या प्लास्टिक मल्च का उपयोग करें। इससे मिट्टी के छींटे पत्तियों पर नहीं पड़ेंगे और फलों के फटने की संभावना भी कम होगी।
4. रोगग्रस्त पत्तियां हटाएं
पीली, काली या संक्रमित पत्तियों को हटाकर खेत से बाहर कर दें। हालांकि बारिश के तुरंत बाद छंटाई (प्रूनिंग) न करें, बल्कि मौसम साफ होने पर ही यह कार्य करें।
5. सिंचाई में सावधानी बरतें
यदि लंबे समय तक सूखा रहा हो तो अचानक अधिक मात्रा में सिंचाई न करें, इससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
6. विशेषज्ञों की सलाह से ही दवाइयों का उपयोग करें
फफूंदनाशक और कीटनाशकों का उपयोग केवल कृषि विशेषज्ञों की सलाह और अनुशंसित मात्रा में ही करें।
7. फसल बीमा अवश्य कराएं
खरीफ मौसम में टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता और अमरूद तथा रबी मौसम में टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज और आलू का फसल बीमा जरूर कराएं। इससे बेमौसम बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए दावा किया जा सकेगा।
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार बादल छाए रहने और पर्याप्त धूप नहीं मिलने से फसलों में रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। ऐसे में किसान समय पर उचित प्रबंधन अपनाकर अपनी फसलों को सुरक्षित रख सकते हैं और आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं।
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