कोहिमा (नगालैंड),19 जुलाई(आरएनएस)। नगालैंड के मोन जिले में रविवार को कई जगहों पर बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड की घटनाओं में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए.
मोन जिले के डिप्टी कमिश्नर वेन्नयेई कोन्याक ने बताया कि अब तक 4 शव बरामद हुए हैं और चार अन्य अभी भी मलबे में दबे हुए हैं.
वेन्नयेई कोन्याक ने कहा, मोन जिले में कई जगहों पर लगातार भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन की घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई है. सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके मोन शहर, तिजित हैं. भारी बारिश रात करीब 1 बजे शुरू हुई और हमें सुबह करीब 6-7 बजे लैंडस्लाइड की घटनाओं की जानकारी मिली.
उन्होंने बताया कि भूस्खलन की घटनाओं के बाद एसडीआरएफ, पुलिस, असम राइफल्स, एनडीआरएफ की टीमें और स्थानीय लोग सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं. अब तक मलबे से 3 महिला और एक पुरुष समेत 4 शव बरामद किए हैं. 12 अन्य घायल हुए हैं. कई जगहों पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है.बताया जा रहा है कि कई घंटे तक हुई भारी बारिश के बाद मोन शहर में घरों, सड़कों और सार्वजनिक ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है. कई इलाके जलमग्न हो गए और भूस्खलन के कारण प्रमुख सड़क मार्ग बंद हो गए.
नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी जॉनी रुआंगमेई ने बताया कि रविवार तड़के से लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में अचानक बाढ़ और जलभराव हो गया. उन्होंने बताया कि वहीं, पहाड़ी ढलानों पर हुए भूस्खलन से प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जिससे यातायात बाधित हो गया. प्रभावित इलाकों के परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है और राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं.
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने इस आपदा में लोगों की मौत और हुए नुकसान पर ‘गहरा दुखÓ जताया तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने ‘एक्सÓ पर एक पोस्ट में कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. रियो ने बताया कि नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पुलिस और असम राइफल्स की टीम खोज एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं.
जिला प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी किनारों और बाढ़ प्रभावित स्थानों से दूर रहने की अपील की है, क्योंकि भारी बारिश जारी रहने की संभावना है.
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(नईदिल्ली)सरकार वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय बनाने के लिए राज्यसभा में विधेयक लाएगी
नई दिल्ली,19 जुलाई(आरएनएस)। सरकार संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा में वह विधेयक लाने वाली है, जिसके तहत राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान डालना या उसका अपमान करना आपराधिक कृत्य माना जाएगा.
राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को सोमवार के लिए राज्यसभा की कार्यसूची में शामिल किया गया है और गृह मंत्री अमित शाह इसे उच्च सदन में पेश करेंगे.
यह विधेयक राष्ट्र गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन के लिए लाया जा रहा है. इस कानून के तहत देश के राष्ट्रीय प्रतीकों — जैसे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्र गान — का अपमान या अनादर करना एक आपराधिक कृत्य है, जिसके लिए तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है.
इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्र गीत वंदे मातरम् को राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान करना है. विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, राष्ट्र गीत के गायन के दौरान व्यवधान उत्पन्न करना या किसी भी तरह से उसका अपमान करना दंडनीय होगा.
सरकार द्वारा राष्ट्र गीत को राष्ट्र गान के समान दर्जा दिलाने का प्रयास वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के साल भर चलने वाले समारोहों के बीच किया जा रहा है.
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर यह अनिवार्य कर दिया है कि ‘जन गण मनÓ गाए जाने वाले सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् बजाया जाना या इसके गायन को अनिवार्य किया जाए.
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