काशीपुर से रवाना हुई पहली खेप, मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को मिला बढ़ावा; किसानों की आय और वैश्विक बाजार में उत्तराखंड की हिस्सेदारी बढऩे की उम्मीद
नई दिल्ली/काशीपुर, ,20 जुलाई ,(आरएनएस)। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर से इराक को 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज की पहली निर्यात खेप भेजने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है। वीरुन ग्लोबल ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्यात की गई यह खेप राज्य से मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को नई दिशा देने के साथ ही भारत के प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
निर्यातक कंपनी ने उम्मीद जताई है कि उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार से लगातार नए ऑर्डर प्राप्त होंगे और इराक सहित अन्य देशों के साथ दीर्घकालिक व्यापारिक संबंध स्थापित होंगे। इससे कंपनी के साथ-साथ क्षेत्र के किसानों और कृषि-आधारित उद्योगों को भी निरंतर लाभ मिलेगा।
एपीडा ने निर्यातकों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सियाल, गल्फूड, इंडसफूड और वर्ल्ड फूड इंडिया जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए भी सहयोग दिया है। इससे विदेशी खरीदारों के साथ संपर्क बढ़ा है और नए निर्यात अवसर विकसित हुए हैं।
भारत प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों के वैश्विक निर्यातक के रूप में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। वर्ष 2025-26 के दौरान देश से 7,26,874.70 मीट्रिक टन प्रसंस्कृत सब्जियों का निर्यात हुआ, जिसका कुल मूल्य 932.25 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। इनमें मूल्यवर्धित आलू उत्पादों का निर्यात 2,77,108.51 मीट्रिक टन रहा, जिसकी कीमत 289.40 मिलियन अमेरिकी डॉलर दर्ज की गई। प्रसंस्कृत फल एवं सब्जियों ने एपीडा के कुल निर्धारित निर्यात में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दिया।
एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि उत्तराखंड जैसे भू-आबद्ध राज्यों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत निर्यात प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि एपीडा राज्य सरकार के साथ मिलकर राज्य कृषि निर्यात नीति के निर्माण एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्य कर रहा है। इसके तहत परिवहन सहायता सहित विभिन्न उपायों के माध्यम से निर्यातकों की लागत कम करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उनकी पहुंच आसान बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग का विस्तार किसानों के लिए नए बाजार अवसर पैदा कर रहा है। इससे गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी, स्थानीय स्तर पर मूल्यवर्धन को बढ़ावा मिलेगा तथा निर्यात आधारित आपूर्ति श्रृंखला में किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की भागीदारी भी बढ़ेगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ राज्य के प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को भी नई गति मिलने की संभावना है।
एपीडा राज्य सरकारों, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों, प्रसंस्करण इकाइयों तथा अन्य हितधारकों के साथ मिलकर निर्यात अवसंरचना को सुदृढ़ करने, वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने और भारत से मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
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