कोरिया, 20 जुलाई (आरएनएस)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत कोरिया जिले में तरल अपशिष्ट प्रबंधन को नई गति मिली है। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशन में महज दो माह के भीतर 462 सामुदायिक सोख्ता (सोख्ता गड्ढों) का निर्माण कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। इस पहल से सार्वजनिक जल स्रोतों के आसपास जलभराव, गंदगी और प्रदूषण की समस्या में उल्लेखनीय कमी आई है।जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में हैंडपंप, सार्वजनिक नल-जल योजनाओं और अन्य सामुदायिक पेयजल स्रोतों के पास सोख्ता गड्ढों का निर्माण कराया गया है। इन संरचनाओं के माध्यम से उपयोग के बाद निकलने वाले ग्रे-वॉटर (तरल अपशिष्ट) का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जा रहा है।प्रशासन के अनुसार, इस व्यवस्था से जलभराव की समस्या कम होने के साथ-साथ भू-जल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिला है। इसके अलावा जलजनित बीमारियों की रोकथाम और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाने में भी यह पहल प्रभावी साबित हो रही है।कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाई जा रही छोटी-छोटी संरचनाएं ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि व्यवहार परिवर्तन और जनभागीदारी के माध्यम से ही स्वच्छ और स्वस्थ गांवों का निर्माण संभव है।उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों को तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि राज्य सरकार के ‘मोर गांव, मोर पानीÓ महाअभियान के माध्यम से जल संरक्षण और स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है, ताकि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्वच्छ, स्वस्थ और जल-संरक्षित बन सके।
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