जशपुरनगर, 20 जुलाई (आरएनएस) । जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने जिले के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शैक्षणिक व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों और शिक्षकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में पाठ्यपुस्तक वितरण, अपार आईडी (्क्क्र्रक्र ढ्ढष्ठ) निर्माण, शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड और जश लर्न कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा सहित सभी विकासखंडों के बीईओ मौजूद रहे।
बायोमेट्रिक उपस्थिति नहीं तो रुकेगा वेतन
कलेक्टर ने सभी शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के जिन शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं होगी, उनके वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा।
पाठ्यपुस्तक, अपार आईडी और छात्र उपस्थिति पर विशेष जोर
कलेक्टर ने जिन विद्यालयों में अब तक पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुंची हैं, वहां शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों की अपार आईडी तत्काल बनाने के लिए कहा।उन्होंने विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर बल देते हुए निर्देश दिया कि अनुपस्थित छात्रों के पालकों से नियमित संपर्क कर कारणों की जानकारी ली जाए। प्रत्येक विद्यालय में अभिभावकों के अद्यतन मोबाइल नंबर उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए गए।
स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा
कलेक्टर ने कहा कि सभी शिक्षकों को इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल और स्मार्ट क्लास का प्रभावी संचालन आना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा मिल सके। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में एक आईटी मॉनिटर बनाने का सुझाव भी दिया, जो डिजिटल उपकरणों के उपयोग में अन्य विद्यार्थियों की मदद कर सके।
इसके अलावा पात्र विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र समय पर बनवाने तथा सरस्वती साइकिल योजना के तहत पात्र छात्राओं को निर्धारित समय सीमा में साइकिल वितरण पूरा करने के निर्देश दिए गए।
Óजश लर्नÓ कार्यक्रम की हुई समीक्षा
बैठक में जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल ‘जश लर्नÓ कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम के कंट्री हेड रोहन और राज्य प्रमुख सुभाष बैठक में शामिल हुए और कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी दी।कलेक्टर ने बताया कि फरसाबहार विकासखंड में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किए गए इस कार्यक्रम का विस्तार अब जिले के सभी विकासखंडों में किया जा चुका है। इसका उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की आधारभूत गणितीय दक्षता को मजबूत करना और शिक्षक, विद्यार्थी तथा अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से सीखने की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
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