तभी विश्वविद्यालय की साख पुनः स्थापित होगी।
केशव सल्होत्रा
जगदलपुर 20 जुलाई (आरएनएस) नगर निगम नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर में प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर हुई भर्ती प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार तत्काल प्रभाव से ध्यान दें केवल कुलपति को पद से हटाना पर्याप्त कदम नहीं है। यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की आशंका है, तो पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर नए सिरे से पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से भर्ती कराई जानी चाहिए।कि पूर्व में आयोजित भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव दिखाई दिया।कि भर्ती संबंधी विज्ञापन सभी प्रमुख सार्वजनिक समाचार पत्रों में व्यापक रूप से प्रकाशित नहीं किए गए। जिससे अनेक योग्य एवं पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर नहीं मिल सका। ऐसी परिस्थितियों में भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर स्वाभाविक रूप से प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में आर्थिक अनियमितताओं या प्रभाव के आरोप सामने आए हैं, तो केवल कुलपति को हटाने से मामले का समाधान नहीं होगा। आवश्यक है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो संपूर्ण चयन प्रक्रिया को निरस्त किया जाए।कि प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर के सभी रिक्त पदों के लिए नए सिरे से भर्ती विज्ञापन राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर के प्रमुख समाचार पत्रों तथा विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर व्यापक रूप से प्रकाशित किए जाएं। साथ ही चयन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता आधारित बनाया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र अभ्यर्थी को समान अवसर प्राप्त हो सके। भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार यदि वास्तव में उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता एवं भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था स्थापित करना चाहती है,तो उसे केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित न रहकर विवादित भर्ती प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा कर उसे आवश्यक होने पर निरस्त करना चाहिए। इससे योग्य एवं वास्तविक प्रतिभागियों को न्याय मिलेगा तथा विश्वविद्यालय की साख भी पुनः स्थापित होगी।राज्य सरकार एवं उच्च शिक्षा विभाग से मांग है कि शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय की प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए, संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर नए सिरे से पारदर्शी भर्ती आयोजित की जाए।

