जांजगीर-चांपा, 23 जुलाई (आरएनएस) जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के प्रतिवेदन पर जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर ने निषेधाज्ञा जारी करते हुए सभी मकान मालिकों के लिए किरायेदारों का पूरा ब्यौरा संबंधित थाना या पुलिस चौकी में देना अनिवार्य कर दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस निर्णय के तहत मकान किराये पर देने से पहले पहचान संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन करना होगा। साथ ही किरायेदार का नाम, स्थायी पता, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी निकटतम थाना या चौकी में जमा करनी होगी। नया व्यक्ति रहने आए या पुराना मकान खाली करे, दोनों परिस्थितियों की तत्काल सूचना पुलिस को देना भी जरूरी रहेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या शंकास्पद व्यक्ति की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को अवगत कराने की अपील की गई है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन आसान होगा, अवैध रूप से रह रहे अप्रवासियों की पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी तथा अपराध नियंत्रण के साथ सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी। एसपी विजय कुमार पाण्डेय की पहल पर कलेक्टर द्वारा जारी आदेश को जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आदेश के पालन की निगरानी संबंधित थाना और पुलिस चौकी स्तर पर की जाएगी तथा उल्लंघन पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फिलहाल, जांजगीर-चांपा पुलिस ने नागरिकों और मकान मालिकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जनसहभागिता और सतर्कता के जरिए ही अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है तथा सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण कायम रखा जा सकेगा।


